Theme :
Home
Granth
eBook
Saint
Yatra
Shanka
Health
Pandit Ji

जीव को कैसे ज्ञात होता है की उसे कब और कहाँ पुन: जन्म लेना है| क्या जीव जन्म लेने के लिए स्वतंत्र है अगर नहीं तो उस का निर्णय करने का अधिकार किस के पास है और वह उसको कैसे फलीभूत करता है?


  Views :1361  Rating :0.0  Voted :0  Clarifications :3
3758 days 1 hrs 59 mins ago By Bhakti Rathore
 

radhe radhe ye to jeev ko nahi malum hota he ye to sirf bhgwaan jante he ki kaha janm lena aur kaha nahi uske kermo ke aunsaar use janm mil jaata he

3769 days 3 hrs 19 mins ago By Rajender Kumar Mehra
 

जीव को इस बात का कभी ज्ञान नहीं होता की उसका अगला जन्म कहाँ होगा | वो अगले जन्म के लिए स्वतंत्र नहीं है उसका निर्णय तो हमारे शास्त्रों के अनुसार धरमराज के पास है जो जीव को उसके कर्म अनुसार देते हैं | कहीं ऐसा भी आता है की जहाँ जीव की अंत समय में आसक्ति रह जाती है उसका जन्म उसी में होता है | बाकी इतना जरूर है की जीव का जन्म एवम मृत्यु दोनों ही काल के वश जीव इसके लिए स्वतंत्र नहीं है | राधे राधे

3769 days 10 hrs 2 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

जय श्री कृष्णा.... जीव को कभी ज्ञात नहीं हो सकता है कि उसे अगला जन्म कहाँ मिलेगा।.... जन्म और मृत्यु प्रारब्ध पर आधारित होती है।.... प्रारब्ध कर्म पर आधारित होता है।.... कर्म स्वभाव पर आधारित होता है।.... भगवान के विधान के अनुसार मनुष्य को स्वभाव की स्वतंत्रता दी गई है।.... स्वभाव कामनाओं पर आधारित होता है, मनुष्य जन्म लेने के लिये स्वतंत्र नहीं है बल्कि कामनाओं की पूर्ति के लिये जन्म लेने के लिये विवश होता है।.... किस व्यक्ति को किस योनि में जन्म मिलेगा यह व्यक्ति की कामनाओं पर निर्भर करता है, कामनाओं की पूर्ति के लिये ही भगवान जीव को उसी प्रकार का भौतिक शरीर प्रदान करते हैं।.... जीवात्मा पूर्व कर्मों के अनुसार भौतिक शरीर में सुख और दुख के रूप में फल को भोगता है।

 
Tags :
Radha Blessings



Click here to know more about Radha Blessings
Popular Article
Popular Opinion
Latest Bhav



Today Opinion Topic

हम अधिक अनुशासित कैसे बने?

Radhakripa on Mobile

Guru/Gyani/Artist
DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
Copyright © radhakripa.in>, 2010. All Rights Reserved
You are free to use any content from here.