Theme :
Home
Granth
eBook
Saint
Yatra
Shanka
Health
Pandit Ji

इच्छाओ का समर्पण !

कौनसी इच्छाओ को भगवान के समक्ष समर्पित कर देना चाहिए और कौनसी इच्छाओं को स्वयं के प्रयासों के द्वारा पूरा किया जा सकता है ? इसे कैसे समझें ?

  Views :1986  Rating :0.0  Voted :0  Clarifications :2
3652 days 23 hrs 19 mins ago By Sharu Rani
 

good

3654 days 2 hrs 39 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

जय श्री कृष्णा.... इच्छा और कामना का भेद जाने बिना इच्छाओं का समर्पण असंभव है।...... जो इच्छायें वर्तमान जीवन में पूर्ण होती हैं, केवल वही इच्छायें होती हैं और जो इच्छायें वर्तमान जीवन में पूर्ण नहीं होती हैं, वह कामनायें होती हैं।...... इच्छायें प्रारब्धवश प्रकृति के द्वारा स्वतः पूर्ण की जाती हैं, और कामनायें वर्तमान जीवन में कभी पूर्ण नहीं होती हैं।........ इसलिये व्यक्ति को अपनी सभी कामनायें भगवान को समर्पित कर देनी चाहिये।....... वर्तमान जीवन में स्वयं के प्रयासों से न तो इच्छायें ही कभी पूर्ण होती हैं और न ही कभी कामनायें पूर्ण हो सकती हैं।_________ यदि यह भेद समझ में न आये तो चिन्ता नहीं करनी चाहिये, तब इसे सार रूप से समझने का प्रयास करना चाहिये।........... सार यह है कि जो इच्छायें पूर्ण हो जायें उसे भगवान का प्रसाद समझना चाहिये, और जो इच्छाये पूर्ण न हों उन्हे भगवान को समर्पित कर देनी चाहिये।

 
Tags :
Radha Blessings



Click here to know more about Radha Blessings
Popular Article
Popular Opinion
Latest Bhav



Today Opinion Topic

हम अधिक अनुशासित कैसे बने?

Radhakripa on Mobile

Guru/Gyani/Artist
DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
Copyright © radhakripa.in>, 2010. All Rights Reserved
You are free to use any content from here.