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वैराग्य

ऐसा मानते है की राधा कृष्ण के सच्चे भक्तों को वैराग्य मिलता है ! वैराग्य में सुख का अनुभव कैसे प्राप्त कर सकते है ? उसके लिए क्या करना चाहिए ?

  Views :1731  Rating :0.0  Voted :0  Clarifications :5
3777 days 5 mins ago By Bhakti Rathore
 

3777 days 5 mins ago By Bhakti Rathore
 

jai shree radhe radhe hume unke bhajn aur pujan me lage rathna cheiye aur apni saari cihye katham ker deni cheiye

3859 days 17 mins ago By Aditya Bansal
 

apni ichayein kahtam kar deni chaiye

3860 days 16 hrs 27 mins ago By Ashish Vaidya
 

दुख की जड़ होती है किसी चीज़ की अपेक्षा जो की पूरी ना हो चाहे धन, प्रसीधी, मान या कुछ और. वैराग्य का अर्थ है विराग होना यानी किसी व्यक्ति/वस्तु से मोह/अपेक्षा ना रहना. यदि कुछ छुट जाए तो भगवान की किसी योजना का हिस्सा समझ कर उसके कारण दुखी ना होना और कुछ मिल जाए तो उसे भगवान का प्रसाद समझ कर ग्रहण करना. ऐसी स्थिति में भला दुख कैसे होगा?

3860 days 16 hrs 45 mins ago By Ajay Nema
 

वैराग्य का मतलब छोड़ना नहीं है . छोड़ने मे कोई सुख नहीं है . सुख और आनंद तो मिलने मे है. यंहा वैराग्य का मतलब उस ईश्वर तत्व से इतना प्यार हो जाये कि बाकि चीज़े अपने आप छूटने लगे.जब जीवन मे ऐसी स्थिति आ जाती है तो सुख और आनंद अपने आप बरसने लगता है.

 
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