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कृष्ण को जीवन में प्रकट करने के लिए हमें क्या करना चाहिये?


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3578 days 3 hrs 39 mins ago By Waste Sam
 

radhey radhey....Krishna ko jeevan mein prakat karne ke liye ek uttar hai bhakti karo … par meri ek aur drishtikon se mein kahoongi ke krishna jaise bano.. Krishna jaise banane ka arth hai unke tarah akarshak vyaktitva banao aur who tab banega jab hum khud ek accha insaan banayenge.. jai shri radhey

3579 days 1 hrs 51 mins ago By Neeru Arora
 

bas prem hi sabse asaan rasta hai aur prem krihan se khud se bhi nahin

3579 days 6 hrs 55 mins ago By Gulshan Piplani
 

- राधे राधे - हम सब यह जानते हैं की कृष्ण को जीवन में प्रकट करने के लिए हमें उनसे प्रेम करना चाहिए| पर जब तक हमारे अंदर माया व्याप्त रहेगी क्या हम प्रेम कर पायेंगे? जब तक काम , क्रोध, लोभ, मोह, मद , इर्ष्या , निंदा और माया हम में व्याप्त है तब तक हम समर्पित हो ही नहीं सकते| प्रेम का तात्पर्य होता है अपने को मिटा देना अर्थात अपने मन को ख़तम कर देना| जब तक वोह नहीं होगा तब तक भी तो कुछ ऐसा होना चाहिए जो हमें वहां तक पहुंचा दे| ....न्यू paragraph ........... गीता के अध्याय - १० विभूति योग में भगवान् श्री कृष्ण ने शलोक संख्या १० में कहा है: शलोक का दोहानुवाद मेरी पुस्तक गीताजी-कविताजी से उद्धृत : ........... अनन्ये भावी भक्तों को देता, तत्व ज्ञानयोग अज्ञात| मुझमें निरंतर ध्यान लगा वह होते मुझको प्राप्त||.................... अर्थात अगर मनुष्य मात्र भगवान् कृष्ण के समक्ष ही अपने अहंकार का त्याग कर उसकी भक्ति में लीन हो जाता है और निरंतर उसके ध्यान में रहता है और उनको अपने ध्यान में रखता है वह ही कृष्ण को अपने जीवन में प्रकट कर पाता है| भगवन श्री कृष्ण कहते हैं कि अपने अनन्ये भावी भक्तों को मैं तत्व के ज्ञान से प्रकाशित कर देता हूँ जिससे उनका ध्यान मुझमें निरंतर लग जाता है| निरंतर ध्यान लग जाना ही कृष्ण का प्राकट्य होता है| - बाकि तो बस राधे राधे करता जा - आगे आगे बढता जा| - राधे राधे

3580 days 4 hrs 3 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

जय श्री कृष्णा.... मन को नन्द (किसी की भी निन्दा ना करना) और बुद्धि को यशोदा (दूसरो यश प्रदान करना) बनाने का प्रयत्न करना चाहिये।

3581 days 3 hrs 10 mins ago By Pt Chandra Sagar
 

जय श्रीराधे ! जीवन में सत्य और सदाचार को धारण करके धर्म का पालन करते हुए सच्चे भाव से जो प्रेम करेगा उसी के जीवन में कृष्ण प्रकट होते हैं | स्मरण रहे किसी भी परिस्थिति में धर्म का उल्लंघन कृष्ण को पसंद नहीं | मानस में लिखा है -कामादि दोष रहितं कुरु मानसं च अर्थात निर्भरा प्रेम देने के साथ मेरे ह्रदय से कामादि दोष भी दूर करो ,

3581 days 13 hrs 12 mins ago By Nancy Dahra
 

Radhe Radhe......... Krishn ko jeevan mein pragat karne ke liye bus hamein uss se sache dil se prem karna chahiye.... vo to bus prem ka bukha hai........ itna bhola hai ki bus dil se prem karo or ho gya vo apka..........

 
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