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ईश्वर ने स्रष्टि की रचना क्यूँ की ?

ईश्वर स्वयं सच्चिदानंद हैं , आनंदस्वरूप होकर और क्या वस्तु प्राप्त करने लीला करते हैं ?

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3743 days 20 hrs 12 mins ago By Bhakti Rathore
 

radher adhe nahi wo bhavv ke bhke he

3755 days 20 hrs 23 mins ago By Dasi Radhika
 

मेरी नजर में भगवान प्रेम से बने है,प्रेम ही खाते है, प्रेम ही पीते है, प्रेम ही लेते है, प्रेम ही देते है,सिर से पैर तक प्रेम ही प्रेम से भरे है.पर फिर भी उन्हें प्रेम करने वाला चाहिये था इसलिए उन्होंने सोचा कि दुनिया रूपी घर बनाया जाये जिसमे इंसान बनाया जाये जो मुझसे प्रेम करे.इसलिए दुनिया बनायीं.विविधता इसलिए बनायीं कि भगवान ने सोचा कि जब में प्रेम ही देता हूँ तो दुनिया में भी सभी विविध होने पर भी आपस में प्रेम करेगे. भगवान तो सर्व शक्तिमान है और अपने आप में उनका हर अंग पूर्ण है उनकी आँखे चल भी सकती है, सुन भी सकती है, हर काम कर सकती है, पर भगवान का अवतार तो अपने भक्तो प्रेमियों के लिए होता है,भक्तो की इच्छा के लिए ही वे अवतार लेते है क्योकि गौलोक में रहकर वे गोपियों के घर का माखन नहीं चुरा सकते,गैईया नहीं चरा सकते,अपने भक्तो के साथ ये लीलाएँ करने के लिए,भक्तो की इच्छा पूरी करने के लिए भगवान धरती पर आते है. राक्षसों के वध के लिए नहीं होता, ये तो वे संकल्प मात्र से कर सकते है. "राधे-राधे".

3755 days 23 hrs 40 mins ago By Pt Chandra Sagar
 

कृपया शंका का समाधान शास्त्र सम्मत रूप से करें

 
Tags :
Radha Blessings



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