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कुबेर के नौ रतन

शास्त्रों ने कुबेर के नौ प्रकार के कौन से रतन गिनवाये हैं?

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3570 days 3 hrs 43 mins ago By Pradeep Narula
 

जिसका किसी से बैर न हो, और जो कृष्ण प्रेम में लिप्त हो, जो सब से प्रेम करता हो I वो ही किसी के लिए नो रत्नों में से एक रतन या नो रतन हो सकता हेI जो किसी भी कर्म में तन मन से रमा हे वो ही रतन हेI राधे राधे .........

3593 days 11 hrs 19 mins ago By Gulshan Piplani
 

शास्त्रकारों ने नौ प्रकार के रत्न गिनवाये हैं - कच्छप, मुकुंद, नन्द (कुंद) वर्च्च,नील .मकर पदम, महापद्म, शंख - ये सब निधि लक्ष्मी प्रेरित हैं| जिसे वह प्राप्त हो जाती है, उसे भिन्न भिन्न रूप से द्रव्य की प्राप्ति होने लगती है| पद्म निधि के प्रभाव से मनुष्य सोना चाँदी तम्बा इत्यादि का भण्डार घर में भरता है और महापद्म निधि की प्राप्ति से रत्न, माणेक, मोती इत्यादि से भरपूर रहते हैं| इन सब नव निधि से भी श्रेष्ठ एक दसवीं निधि है और वोह है 'विवेक' - जितना द्रव्य या स्वर्ण मनुष्य प्राप्त करे, परन्तु विवेक न हो तो वही नव्निधियाँ उपद्रवी हो जाती हैं| संसार के जितनी भी युद्ध हुए हैं उनमें नौं निधियां ही जिम्मेदार हैं| नौं निधि प्राप्त कर ले परन्तु दसवीं निधि न हो तो उसका पतन आवश्य होता है| जिसके पास नौं निधियां नहीं हैं परन्तु दसवीं निधि है 'विवेक' है तो भी वह अकिंचन होने पर भी सर्वभोमत्व का भोक्ता होता है|

3593 days 12 hrs 32 mins ago By Nidhi Nema
 

राधे राधे,कुबेर के नौ प्रकार के रत्न है.ये हैं—पदम, महापद्म, शंख, मकर, कच्छप, मुकुंद, कुंद नील और वर्च्च .

 
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