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शालिग्राम की पूजा क्यों की जाती है?

शालिग्राम की पूजा क्यों की जाती है? और उन्हें क्यों पूजनीय समझा जाता है?

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3588 days 10 hrs 21 mins ago By Bhakti Rathore
 

radhe radhe kyunki unsme sachat kirshna ji visnu ji he is ley unki puja ker do to thakur ji ki luja ho gei

3596 days 8 hrs 26 mins ago By Nidhi Nema
 

राधे राधे, जिस जिस भक्त कि जो जो इच्छा होती है भगवान उसे पूरा करते है,पिपलानी जी ने सही कहा है कि एक भक्त कि इच्छा भगवान को खाने कि हुई.नेपाल में गंडकी नदी के ऊपर एक प्रकार कि चट्टानें होती है,जिसे एक प्रकार का कीड़ा खाता रहता है जिससे वह चट्टान टूट टूटकर नीचे नदी में गिरती जाती है और एक विशेष प्रकार के चक्र भी कीड़े के खाने से बन जाते है,वही पत्थर शालिग्राम भगवान बन जाते है,शलिग्राम कि बटलोई गंडकी नदी से ही प्राप्त होती है,और वृंदा के श्राप के कारण भगवान पत्थर बन गए जिन्हें तुलसी विवाह में रूप में कार्तिक के मास में मनाया जाता है,भगवान ने वृंदा को वरदान दिया था कि आज से जो तुम्हारे साथ (तुलसी)मेरी पूजा करेगा उससे में सदा प्रसन्न रहूँगा.

3597 days 11 hrs 53 mins ago By Gulshan Piplani
 

एक बार एक भक्त की भगवान् को खाने की इच्छा हुई तब भगवान् विष्णु शालिग्राम के रूप में प्रगट हो गए| इस पत्थर को भगवान् विष्णु का रूप मन कर घरों में कार्तिक माह की द्वादशी में महिलायें तुलसी अवम भगवान् शालिग्राम का विवाह करवातीं हैं| पुराणों में शालिग्राम के घर में होने से इसका फल सभी तीर्थों से अधिक बताया गया है| इस लिए हिन्दुओं में शालिग्राम पूजनीय है|

3597 days 12 hrs ago By Gulshan Piplani
 

एक बार एक भक्त की भगवान् को खाने की इच्छा हुई तब भगवान् विष्णु शालिग्राम के रूप में प्रगट हो गए| इस पत्थर को भगवान् विष्णु का रूप मन कर घरों में कार्तिक माह की द्वादशी में महिलायें तुलसी अवम भगवान् शालिग्राम का विवाह करवातीं हैं| पुराणों में शालिग्राम के घर में होने से इसका फल सभी तीर्थों से अधिक बताया गया है| इस लिए हिन्दुओं में शालिग्राम पूजनीय है|

3597 days 12 hrs 1 mins ago By Gulshan Piplani
 

एक बार एक भक्त की भगवान् को खाने की इच्छा हुई तब भगवान् विष्णु शालिग्राम के रूप में प्रगट हो गए| इस पत्थर को भगवान् विष्णु का रूप मन कर घरों में कार्तिक माह की द्वादशी में महिलायें तुलसी अवम भगवान् शालिग्राम का विवाह करवातीं हैं| पुराणों में शालिग्राम के घर में होने से इसका फल सभी तीर्थों से अधिक बताया गया है| इस लिए हिन्दुओं में शालिग्राम पूजनीय है|

3598 days 7 hrs 30 mins ago By Diwakar Kushwaha
 

Shaligram Ji Bhagwan Shri Hari Vishnu Ka He Prateek hai,Tulsi mata Se vivah ke baad Bhagwaan Vishnu Ko Shaligram Naam Diya gaya Inki pooja Isliye ki Jaati hai Kyunki Inhone Dharm Raksha Hetu Daitya jalandhar Ki patni Jinka baad me naam tulsi pada ke Kesh Khole they Jisse unka satitva bhang ho gaya aur daitya Bhagwaan shiv ke hatho mara gaya,parantu apni is bhool ko sudharne ke liye unhone tulsi ji ke shraap ko shweekaar kiya aur unhe apni patni ke sthaan per pratishthit kiya.

3598 days 10 hrs 18 mins ago By Ashish Anand
 

shaligram bhagwan ka ek roop hai... jab shiv ji jalandhar danav ko nahin maar paa rahe the, iski vajah uski wife vrinda ka 'pativrata' hona tha... to devtaoun ne bhagwan vishnu se vinati ki ki ve isse marne ka upay batayen... so lord vishnu apne bhakta 'vrinda ke ghar gaye lekin jalandhar ke roop mein... vrinda ne socha mere pati uddha se laut aaye hain so ab main inake charan lagti hun... lekin jaise hi vrinda ne bhagwan ko chhua vo samajh gayi ki ye mere pati nahin hain aur jab usse pata chala ki lord vishnu ne usake 'pativrat' dharma ko toda hai... aur isaki vajeh se ab uske pati mare jayenge so usane lord vishnu ko shrap diya ki jaao tum 'patthar' bann jaao, bass tab se hi log lord vishnu ko shaligram ke roop mein pujaten hain...- hare krishna... shaligram ki tulasi ke sath pujane par bhagwan prasanna hoten hain, kyun ki unhe unaki bhakt tulasi means vrinda bahut pasand hai aur uske dwara diya gaya ye roop bhi...

 
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