Theme :
Home
Granth
eBook
Saint
Yatra
Shanka
Health
Pandit Ji

शालिग्राम की पूजा क्यों की जाती है?

शालिग्राम की पूजा क्यों की जाती है? और उन्हें क्यों पूजनीय समझा जाता है?

  Views :2014  Rating :0.0  Voted :0  Clarifications :7
3757 days 21 hrs 41 mins ago By Bhakti Rathore
 

radhe radhe kyunki unsme sachat kirshna ji visnu ji he is ley unki puja ker do to thakur ji ki luja ho gei

3765 days 19 hrs 46 mins ago By Nidhi Nema
 

राधे राधे, जिस जिस भक्त कि जो जो इच्छा होती है भगवान उसे पूरा करते है,पिपलानी जी ने सही कहा है कि एक भक्त कि इच्छा भगवान को खाने कि हुई.नेपाल में गंडकी नदी के ऊपर एक प्रकार कि चट्टानें होती है,जिसे एक प्रकार का कीड़ा खाता रहता है जिससे वह चट्टान टूट टूटकर नीचे नदी में गिरती जाती है और एक विशेष प्रकार के चक्र भी कीड़े के खाने से बन जाते है,वही पत्थर शालिग्राम भगवान बन जाते है,शलिग्राम कि बटलोई गंडकी नदी से ही प्राप्त होती है,और वृंदा के श्राप के कारण भगवान पत्थर बन गए जिन्हें तुलसी विवाह में रूप में कार्तिक के मास में मनाया जाता है,भगवान ने वृंदा को वरदान दिया था कि आज से जो तुम्हारे साथ (तुलसी)मेरी पूजा करेगा उससे में सदा प्रसन्न रहूँगा.

3766 days 23 hrs 13 mins ago By Gulshan Piplani
 

एक बार एक भक्त की भगवान् को खाने की इच्छा हुई तब भगवान् विष्णु शालिग्राम के रूप में प्रगट हो गए| इस पत्थर को भगवान् विष्णु का रूप मन कर घरों में कार्तिक माह की द्वादशी में महिलायें तुलसी अवम भगवान् शालिग्राम का विवाह करवातीं हैं| पुराणों में शालिग्राम के घर में होने से इसका फल सभी तीर्थों से अधिक बताया गया है| इस लिए हिन्दुओं में शालिग्राम पूजनीय है|

3766 days 23 hrs 20 mins ago By Gulshan Piplani
 

एक बार एक भक्त की भगवान् को खाने की इच्छा हुई तब भगवान् विष्णु शालिग्राम के रूप में प्रगट हो गए| इस पत्थर को भगवान् विष्णु का रूप मन कर घरों में कार्तिक माह की द्वादशी में महिलायें तुलसी अवम भगवान् शालिग्राम का विवाह करवातीं हैं| पुराणों में शालिग्राम के घर में होने से इसका फल सभी तीर्थों से अधिक बताया गया है| इस लिए हिन्दुओं में शालिग्राम पूजनीय है|

3766 days 23 hrs 20 mins ago By Gulshan Piplani
 

एक बार एक भक्त की भगवान् को खाने की इच्छा हुई तब भगवान् विष्णु शालिग्राम के रूप में प्रगट हो गए| इस पत्थर को भगवान् विष्णु का रूप मन कर घरों में कार्तिक माह की द्वादशी में महिलायें तुलसी अवम भगवान् शालिग्राम का विवाह करवातीं हैं| पुराणों में शालिग्राम के घर में होने से इसका फल सभी तीर्थों से अधिक बताया गया है| इस लिए हिन्दुओं में शालिग्राम पूजनीय है|

3767 days 18 hrs 50 mins ago By Diwakar Kushwaha
 

Shaligram Ji Bhagwan Shri Hari Vishnu Ka He Prateek hai,Tulsi mata Se vivah ke baad Bhagwaan Vishnu Ko Shaligram Naam Diya gaya Inki pooja Isliye ki Jaati hai Kyunki Inhone Dharm Raksha Hetu Daitya jalandhar Ki patni Jinka baad me naam tulsi pada ke Kesh Khole they Jisse unka satitva bhang ho gaya aur daitya Bhagwaan shiv ke hatho mara gaya,parantu apni is bhool ko sudharne ke liye unhone tulsi ji ke shraap ko shweekaar kiya aur unhe apni patni ke sthaan per pratishthit kiya.

3767 days 21 hrs 38 mins ago By Ashish Anand
 

shaligram bhagwan ka ek roop hai... jab shiv ji jalandhar danav ko nahin maar paa rahe the, iski vajah uski wife vrinda ka 'pativrata' hona tha... to devtaoun ne bhagwan vishnu se vinati ki ki ve isse marne ka upay batayen... so lord vishnu apne bhakta 'vrinda ke ghar gaye lekin jalandhar ke roop mein... vrinda ne socha mere pati uddha se laut aaye hain so ab main inake charan lagti hun... lekin jaise hi vrinda ne bhagwan ko chhua vo samajh gayi ki ye mere pati nahin hain aur jab usse pata chala ki lord vishnu ne usake 'pativrat' dharma ko toda hai... aur isaki vajeh se ab uske pati mare jayenge so usane lord vishnu ko shrap diya ki jaao tum 'patthar' bann jaao, bass tab se hi log lord vishnu ko shaligram ke roop mein pujaten hain...- hare krishna... shaligram ki tulasi ke sath pujane par bhagwan prasanna hoten hain, kyun ki unhe unaki bhakt tulasi means vrinda bahut pasand hai aur uske dwara diya gaya ye roop bhi...

 
Tags :
Radha Blessings



Click here to know more about Radha Blessings
Popular Article
Popular Opinion
Latest Bhav



Today Opinion Topic

हम अधिक अनुशासित कैसे बने?

Radhakripa on Mobile

Guru/Gyani/Artist
DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
Copyright © radhakripa.in>, 2010. All Rights Reserved
You are free to use any content from here.