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चिंतन का विषय

दुःख किसको आता है (चिंतन का विषय है) शरीर को, हृदय को, मन को या आत्मा को?

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3587 days 3 hrs 41 mins ago By Gulshan Piplani
 

शरीर को दर्द आता है परन्तु दुःख और सुख तो मात्र मन को ही आता है|

3594 days 15 hrs 58 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

जय श्री कृष्णा.... सुख और दुख की अनुभूति दो प्रकार से ही होती है, (१). शारिरिक रूप से, (२). मानसिक रूप से।.... शारीर रूप से सुख और दुख की अनुभूति पूर्व जन्मों के कर्मों के कारण होता है और वर्तमान कर्मो द्वारा मानसिक रूप (मन) से सुख-दुख की अनुभूति होती है।.... आत्मा सर्वव्यापी होते हुए भी निर्लिप्त होता है।

3595 days 8 hrs 23 mins ago By Nidhi Nema
 

राधे राधे.आत्मा तो निर्लिप्त है,सुख दुःख से परे कि वस्तु है,शरीर तो बाह है जब हमें कैसी भी चोट चाहे बाहर से या भीतर से लगी हो. जब तक मन, बुध्दी, मस्तिष्क तक सूचना नहीं पहुचाते तब तक हमें उस दर्द का अहसास नहीं होता,इसलिए शरीर,और ह्रदय को भी नहीं आता दुःख. मन ही सब कि जड़ है.जब हमने कोई अच्छी चीज देख ली तो मन प्रसन्न और बुरी चीज देख ली तो मन दुखी सारा खेल इस मन का ही है.मन ही चाहतो को, इच्छाओ को बढाता है और इच्छाएं ही सबसे बड़ी बाधा बन जाती है वही बात - "चाहत चुहरी चमारी सब नीचन कि नीच तु तो पुरन् ब्रह्म था गर चाह न होती बीच"

3595 days 9 hrs 41 mins ago By Vipin Sharma
 

SACH ME DUKH KISI KO NAHI HOTA YE SAB KUCH SAMAY K LIYE H. MANUSHYA DOOSRON KO DIKHANA CHHAHTA H KI MAIN BAHUT DUKHI HOON ISLIYE VAH DUKHI HONE KA NATAK KARTA H.

 
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