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Tambakoo(khaini) kaise chodi jaye

Mujhe 15 varson se tambaku(khaini) ki aadat hai; 4 saal ke liye chod bhi chuka hun...; par jaise hi dipressain main hota hoon; suru kar deta hun; Ab wo aadat si ban gai hai... Kripya samadhan bataen....

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3768 days 22 hrs 33 mins ago By Vipin Sharma
 

Dradh Shakti Se...........

3769 days 6 hrs 44 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

जय श्री कृष्णा.... दृड़ संकल्प के साथ धीरे-धीरे किसी भी लत से छुटकारा पाया जा सकता है।.... किसी भी प्रकार की लत धीरे-धीरे ही लगती है, और धीरे-धीरे ही छूट सकती है।.... सबसे पहले आप अपने मन में तम्बाकू छोड़ने का दृड़ संकल्प धारण करें।.... छोड़ने की विधि.....यदि आप दिन में दस बार तम्बाकू खाते हैं तो आज से ही आप नो बार खाना आरम्भ कर दें।... आरम्भ में कुछ तकलीफ़ अवश्य महसूस होगी लेकिन कुछ दिन में नो बार खाने से कोई परेशानी नहीं होगी, जब आपको नो बार खाने मे से कोई दिक्कत महसूस न हो तो उस दिन से आठ बार खाना आरम्भ कर दें।.... जब आपको आठ बार खाने से कोई परेशानी न हो तो सात बार खाना आरम्भ कर दें।.... इसप्रकार निरन्तर इस बिधि को अपनाने से आपकी यह बुरी आदत एक दिन अवश्य छूट जायेगी।.... किसी भी प्रकार का नशा डिप्रेशन से निकलने का इलाज नहीं हो सकता है, डिप्रेशन से केवल संतुष्टि के भाव से ही बाहर निकला जा सकता है।

3769 days 16 hrs 48 mins ago By Rajender Kumar Mehra
 

अविश्वसनीय किन्तु सत्य मैंने १४ साल की उम्र में सिगरेट पीना शुरू किया था और आज मैं ५७ साल का हूँ एक कश के शौक से ये आदत धीरे धीरे ५० सिगरेट रोज तक पहुँच गयी | और मेरे मन में कभी भी ऐसा नहीं आया की मैं इस आदत को छोड़ दूँ ना ही मैं इससे कभी अपने को परेशान महसूस करता था | बल्कि मुझे अच्छा लगता था इसको पीना हालांकि घर पर या बाहर भी बहुत से लोग मुझे मन भी करते थे टोकते भी थे पर मैं हँस कर टाल देता था कभी मन में ख्याल ही नहीं आया की इसे छोड़ दें | १.१.२००३ की घटना है मैं राधा जी के मंदिर बरसाने के दर्शन करने गया था दो तीन साल से नया साल उनके दर्शन करके ही शुरू कर रहा था | एक चमत्कार हुआ मुझे दर्शन करते करते ऐसा लगा कि राधा रानी मेरे समक्ष हैं और मुझसे कह रही है आज ये सिगरेट मुझे दे जाओ | मैं यंत्रवत उठता हूँ और पुजारी जी को जाकर बोलता हूँ की ये सिगरेट श्रीजी माँग रही हैं उन्हें दे दो | पुजारी गुस्से में कहते हैं की इसे बाहर फेंक दो | मैंने कहा की श्रीजी माँग रही हैं बाहर कैसे फैंक दूँ मैं तो यही चढ़ाउंगा | तुम चढ़ा दो नहीं तो मैं इसे यहीं से चढ़ा दूंगा फिर चाहे कुछ भी हो | पता नहीं पुजारी जो इतना गुस्से में था बोला एक दोना हाथ में लेकर लाओ दे दो और जैसे ही मैंने सिगरेट मैंने उस दोने में रखी उसने श्री जी की तरफ करके कहा लो आज एक भक्त ने ये दिया है और वहीँ पास के तखत पर रख दी | मैं वहाँ से अपने घर लौट आया और आज ८ साल बीत गए उस घटना को मुझे एक भी दिन ऐसा नहीं लगा की मैं कभी सिगरेट पीता था | मेरा विश्वास है की आप सिर्फ वहां जाना शुरू कर दें बाकी काम उनका है आपका नहीं | राधे राधे

3769 days 21 hrs 53 mins ago By Gulshan Piplani
 

लोग मेरी इस बात में शायद विश्वास न करें कोई बात नहीं पर में बताना चाहूँगा कि मैंने भी ३७ वर्ष तक सिगरेट पी(प्रतिदिन २५ सिगरेट ) कई बार छोड़ने का प्रयास किया ३-४ वर्ष छोड़ भी देता था परन्तु आप की ही तरह पुन: प्राम्भ हो जाती थी| मैं हर वर्ष ४-५ माह का संकल्प लेने लगा| छोटे संकल्प करते करते एक दिन प्रभु के सामने प्रार्थना एवं प्रतिज्ञा दोनों की और पिछले ५ वर्षों से अपने संकल्प को विकल्प प्रदान करने का सौभाग्य प्रभु ने प्रदान कर दिया| जहां चाह वहां राह| हर माह १० दिन छोड़ने का संकल्प लें तीन चार माह पश्चात् २० दिन छोड़ने का और फिर एक साथ छोड़ने का प्रयास करते रहें प्रभु अवश्य कामयाब करेंगे| मूंह मैं टाफी और छोटी लाची का प्रयोग भी कर के देख सकते हैं|

 
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