Theme :
Home
Granth
eBook
Saint
Yatra
Shanka
Health
Pandit Ji

गोपियाँ कौन है?

कैसे उनका जन्म व्रज में हुआ?

  Views :3831  Rating :0.0  Voted :0  Clarifications :12
3733 days 12 hrs 13 mins ago By Rani Bhatia
 

Anyone can catch your eye, but it takes someone special to catch your heart ~

3737 days 19 hrs 34 mins ago By Aditya Bansal
 

। भागवत की प्रेरणा लेकर पुराणों में गोपी-कृष्ण के प्रेमाख्यान को आध्यात्मिक रूप दिया गया है। इससे पहले महाभारत में यह आध्यात्मिक रूप नहीं मिलता। इसके बाद की रचनाओं –हरिवंश पुराण तथा अन्य पुराणों , में गोप-गोपियों को देवता बताया गया है जो कृष्ण के ब्रज में जन्म लेने पर पृथ्वी पर अवतरित हुए

3740 days 18 hrs 49 mins ago By Waste Sam
 

radhey radhey, gopiyon hai vedo ke shrutiyan, gopiya woh rishi hai jinhone bhagwan ki ras roop mein iccha ke.. jai shri radhey

3742 days 19 hrs 25 mins ago By Pt Chandra Sagar
 

जय श्री राधे ! 

वैसे तो श्री रविकांत शर्माजी ने शास्त्र  सम्मत जबाब दे दिया जो की गर्ग पुराण के अनुसार पूर्णतः सत्य है | 
गोपियाँ श्रुति रूपा, ऋषि  रूपा व भाव रूपा हैं |जो अपनी  समस्त इन्द्रियों  से भक्ति रस का पान करे वही 
गोपी हैं |या फिर कहिये जिनके मन में  स्व-सुख की लेश मात्र भी कामना नहीं है वही गोपी हैं |
भागवत के युगल गीत में गोपी भाव का विशेष लक्षण परिलक्षित हुआ , सुधिजन एकबार अवश्य पढ़ें |

3743 days 14 hrs 54 mins ago By Rajender Kumar Mehra
 

एक मात्र प्रेमास्पद हैं श्री कृष्ण और उनसे अनन्य प्रेम करने वाली जीव आत्माएं ही गोपी है | राधे राधे 

3743 days 19 hrs 44 mins ago By Gulshan Piplani
 

भगवान् कृष्ण का बचपन लीलाओं का सागर है| भगवान् श्री कृष्ण ने गोपियों को निमित बना मुख्य सन्देश प्रेम का दिया| वोह तत्काल्लीन समाज  को और इतिहास को प्रेम की परिभाषा समझाना चाहते थे| क्योंकि भगवान् को पाने के लिए मुख्य भाव प्रेम ही है जिससे उनको प्राप्त किया जा सकता है  गोपियाँ प्रेम का स्वरूप थीं| ऐसा मेरा मानना है| बाकि तो बस राधे राधे जपता जा आगे आगे बढता जा| - राधे राधे

3744 days 13 hrs 38 mins ago By Neha Kalra
 

 jitna mujhe pta ha ki  gopi ek bhav ha.....jis kisi ke uper radhe rani ki kirpa hoti ha uss ke ander  gopi bnav prakt ho jata ha..vrindavan ki har latta gopiya ha..wo abhi tak krishan g ka intzar ker rhi ha.ke kab wo aaye or unke saath hum raas rachaye.......

3744 days 15 hrs 51 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

जय श्री कृष्णा....

गोपी = गो+पी = इन्द्रियाँ + पान करना

आध्यात्मिक दृष्टिकोण से जिस जीवात्मा की समस्त इन्द्रियाँ कृष्ण रस का ही पान करतीं है वही जीवात्मा गोपी होती हैं।

भौतिक दृष्टिकोण से गोपी पूर्व जन्मों के परम-ज्ञानी ऋषि-मुनि थे जिन्हे भगवान श्री कृष्ण ने अपनी लीलाओं के माध्यम से "अनन्य भक्ति" प्रदान की थी। 

3744 days 20 hrs 11 mins ago By Bhakti Rathore
 

राधे राधे गोपीया वो हे जो जब भगवान राम बनवास को गये थे उस समय वहा के लोगो और रिशियो के मन जो बिचार आये थे की कास ये मेरे पति होते या फिर में इनके साथ होती ! वहा कि औरतो के मन में येबिचार आया की ये मेरे साथ होते जिसके मन में जो भाव थे तो भगवान तो सुब जानते हे ! बस फिर राम जी ने काह की इस जन्म में तो एक पत्नी हु बरता द्वापर में किर्श्ना जी के रूप में अवतार लूँगा तुब तुम सुब लोग गोपी बनोगे तुम हुम्हरा मिलन होगा जो इचा जिसकी होगी वो उस जनम में पूर्ण करूंगा! सो भगवान श्री किर्ष्ण ने गोपियों की पूर्व जन्म इच्छा पूर्ण की उन्होंने भुत तप्शिया की थी भगवान को पाने की सो वो हे गोपी बन गये हे सब राधे राधे वो दोहा हे , ना जाकी रही भावना जैसी तिन देखि परभू मुरत्त तैसी बस यही हे गोपी राधे रधे ने काह था की में मठुरमे जन्म लूँगा और तुम भी वह पैर जन्म
लोगी तुम हम तुमसे उस रूप में मिलेंगे बस सो वो उन्हें जिस रूप में उनकी इचा थी सो वो मिल गये यही हे गोपियों के जन्म का कारन और यही गोपिय हेराधे राधे

3744 days 20 hrs 19 mins ago By Bhakti Rathore
 

is thragh gopiyo ka janm hua radhe radhe

3744 days 20 hrs 20 mins ago By Bhakti Rathore
 

राधे राधे गोपीया वो हे जो जब भगवान राम बनवास को गये थे उस समय वहा के लोगो और रिशियो के मन जो बिचार आये थे की कास ये मेरे पति होते या फिर में इनके साथ होती ! वहा कि औरतो के मन में येबिचार आया की ये मेरे साथ होते जिसके मन में जो भाव थे तो भगवान तो सुब जानते हे ! बस फिर राम जी ने काह की इस जन्म में तो एक पत्नी हु बरता द्वापर में किर्श्ना जी के रूप में अवतार लूँगा तुब तुम सुब लोग गोपी बनोगे तुम हुम्हरा मिलन होगा जो इचा जिसकी होगी वो उस जनम में पूर्ण करूंगा! सो भगवान श्री किर्ष्ण ने गोपियों की पूर्व जन्म इच्छा पूर्ण की उन्होंने भुत तप्शिया की थी भगवान को पाने की सो वो हे गोपी बन गये हे सब राधे राधे वो दोहा हे , ना जाकी रही भावना जैसी तिन देखि परभू मुरत्त तैसी बस यही हे गोपी राधे राधे

3744 days 22 hrs 15 mins ago By Dasabhas DrGiriraj N
 

  1. एक थे राजा न्रिग , इन्के पुत्र थे- सुचंद्र.
  2. पितरों में श्रेष्ठ थे अर्यमा - इन्होंने मन से तीन कन्याओं को उत्पन्न किया 
  3. तीन में से एक 'कलावती' सुचंद्र की पत्नी हुइ 
  4. दूसरी मेनका हिमालय की पत्नी बनि, जिस्से 'पार्वती' क जन्म हुआ
  5. तीसरी रत्नामाला जनक की पत्नी हुइ , जो सीता की माँ हैं
  6. सुचंद्र  ही सुर्भानु के पुत्र वृश्भानु बने और
  7. कलावती कन्नौज के राजा भलान्दन के यज्ञ कुन्द से कीर्तिदा के रुप मे उत्पन्न हुइ 
  8. सुचंद्र-कलावती या वृश्भानु-कीर्तिदा की पुत्री बनि हमारी श्री राधा प्यारी 
  9. रावल ग्राम मे सरोवर मे बहते आए एक कमल पर सुक्ष्म रुप मे आपको प्राप्त हुइ
  10. और देखते ही देखते स्वाभाविक रुप में आगई - हमारी स्वामिनी-श्री राधा 

 
Tags :
Radha Blessings



Click here to know more about Radha Blessings
Popular Article
Popular Opinion
Latest Bhav



Today Opinion Topic

हम अधिक अनुशासित कैसे बने?

Radhakripa on Mobile

Guru/Gyani/Artist
DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
Copyright © radhakripa.in>, 2010. All Rights Reserved
You are free to use any content from here.