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योगी का क्या अर्थ है?

इस बारे में आपका क्या द्रष्टिकोण है?

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3582 days 35 mins ago By Aditya Bansal
 

योग हमें परमात्मा से जुड़ना सीखाता है। अभी जो मन बाहर की चीजों से जुड़ा होता है, योग के जरिए वह वह आत्म के साथ जुड़ने लगता है। आत्मा के साथ जुड़ते ही हम ज्ञानस्वरूप-प्रेमस्वरूप हो जाते हैं। देखा जाए तो योग शब्द मुक्ति का ही पर्यायवाची है। यह शब्द भारतीय संस्कृति में पूरी तरह रचा-बसा है। यदि भारतीय संस्कृति पुष्प है, तो योग उसकी महक है। योग हमें स्वस्थ, आनंदमय व प्रेममय जीवन जीना सीखता है। योग के महत्व को जब पश्चिम के लोगों ने समझा तो इसको अपनाने लगे, लेकिन इसके आध्यात्मिक पक्ष को वे अब भी पूरी तरह नहीं समझ पाए हैं। आसन को ही योग समझकर इसे योगा कहने लगे। जैसे आप लोग राम को रामा, कृष्ण को कृष्णा कहते हैं, तो उस शब्द का रहस्य नहीं खुल पाता है। आप लोग शरीर को ही सब कुछ समझते हैं, क्योंकि आसन हमारे शारीरिक पक्ष को मजबूत व लचीला बनता है, इसलिए अमेरिका में योगा यानी योगासनों को बड़े स्तर पर अपनाया गया और इसके आध्यात्मिक पक्ष पर ध्यान नहीं गया। जबकि आसन तो योग का एक छोटा सा अंग है। योगा तो जीवन में बहुत कर लिया, अब योग को अपनाइए, फिर देखिए यह भारतीय आध्यात्मिक विद्या किस तरह से आपके जीवन का नजरिया ही बदल देगी।

3583 days 16 hrs 18 mins ago By Bhakti Rathore
 

yoge he apne parmatma se ander aur bhar se jud jana

3584 days 23 hrs 42 mins ago By Diwakar Kushwaha
 

Yogi Wah hai Jiska Apni indriyon per niyantran ho,yahi yog hai Aur isko Follow karne Wala yogi Hai.Yogi Ek Sanyasi bhi ho sakta hai Aur Grahasta bhi.

3591 days 11 hrs 40 mins ago By Waste Sam
 

राधे राधे....मेरे विचार से योगी शब्द का अर्थ उसी में छुपा है, क्योंकि यह शब्द बना है योग शब्द से जिसका अर्थ होता है जुड़ना, और योगी का अर्थ है जो भगवान से जुड़े | जय श्री राधे...

3592 days 11 hrs 59 mins ago By Kailash Chandra Shar
 

जो आचरण मानव मात्र के लिए धारण करने योग्य होता है ,'' धारयति इति धर्मः '' भगवन कृष्ण कहते हैं .... ''सर्व धर्मान परितज्य मामेकं शरणम ब्रज ...'' आत्म तत्व में आपनी सत्ता निहित करते हुवे अपने देह धर्म से निवृत होकर परमात्व तत्व के प्रति पूर्ण समर्पण की प्रक्रिया का नाम अध्यात्म है |

3592 days 22 hrs 28 mins ago By Gulshan Piplani
 

गीता में भगवान् श्री कृष्ण ने कहा है कि जो मन को वश में कर के भोतिक इच्छाओं का त्याग कर देता है और स्पृहा रहित होकर विरागी हो जाता है वह योगी कहलाता है| गीता में १८ योग बताये गए हैं उन में से किसी एक के द्वारा भी मनुष्य प्रभु की प्राप्ति कर सकता है | जैसे कर्म योग अर्थात अपने कर्मों के फलों को जब हम प्रभु पर छोड़ कर कर्म करते हैं तो हम कर्म योगी कहलाते हैं| अपने ज्ञान को अपना ज्ञान न मान कर प्रभु प्रदान ज्ञान मान स्वयं को मात्र निमित समझते हैं तो ज्ञान योगी कहलाते है| जब हम प्रभु कि भक्ति को लोकिकता से नहीं अलोकिकता से करते हैं अर्थात भक्ति हृदय से करते हैं तो प्रभु में हमारी विलीनता होते ही हम भक्ति योगी कहलाते हैं| एक दोहा गीताजी - कविता जी से अवलोकन करें जो भक्ति योग अध्याय १२ के ३ और ४ शलोक का हिंदी दोहे में अनुवाद है| मन बुद्धि पर,इन्दिरियाँ वश कर,एकीभाव भज रहते व्याप्त| सम - भाव योगी, सब भूत हित रत, होते मुझको प्राप्त|| १२.३-४ भक्ति योगी एक दोहा गीताजी - कविता जी से ज्ञान योग, अध्याय - ४ शलोक - २३ से प्रस्तुत है| प्राकृतिक गुणों से मुक्त होकर,जो योगी आसक्ति विहीन| दिव्य ज्ञान में पूर्ण स्थित हो, कर्म, ब्रह्म में लीन || ४-२३ ज्ञान योगी कर्म योग के अध्याय ३ के शलोक -३ में भगवान् कृष्ण ने कहा है| नीचे गीताजी-कविताजी के दोहा देखें: ज्ञान योगी इसे ज्ञान से, भक्त पाते भक्ति वैभव| दो प्रकार की निष्ठां जग में, होती बोले केशव|| ३.३ कर्म योगी

3593 days 2 hrs 47 mins ago By Rbs Kushwah
 

yogi is connected with the almighty...He is able to help others too, connecting with Him.

3593 days 12 hrs 23 mins ago By Kailash Chandra Shar
 

योगी वह है जो आत्मतत्व और परमात्म तत्व के बीच के अवरोधों को हटाते हुवे उनके परस्पर योग में समर्थ हो ,,,और ...भगवन कृष्ण गीता में कहते हैं '' योगः कर्मसु कौशलम '' जीव कर्म में अपनी सलाग्नता के कारन परमात्म तत्व से विमुख न हो इस कुशलता से कर्म करने वाल व्यक्ति योगी है |

3593 days 13 hrs 6 mins ago By Vishwabandhu Rajeevr
 

yogi oh hai jo apne man aur atma se ak ho jaye.jiske ander bahar koi unter na ho

3593 days 16 hrs 18 mins ago By Raghu Raj Soni
 

ONE WHO UNITES HIS ALL THE SENSES WITH THE BEING THOROUGH MEDITATION, IS CALLED A YOGI.

3593 days 16 hrs 47 mins ago By Raghu Raj Soni
 

ONE WHO MERGES THE SELF WITH THE BEING WITHIN AT HIS WILL IS CALLED A YOGI.

3593 days 21 hrs 18 mins ago By Ashish Anand
 

hare krishna! jo yog ko samajh le, puri tareh usame adhithit ho jaye, ramm jaye wahi yagi hai... fir yogi ke liye kuch bhi aprapya nahin hain... radhe-krishna...

3593 days 22 hrs 36 mins ago By Vipin Sharma
 

RAADHE RAADHE

3593 days 22 hrs 37 mins ago By Vipin Sharma
 

MAIN KISI KE ANSWAR KI KAAT NAHI KAR RAHA HOON, MERA MATALAB SIRF YE KAHNA HAI KI EK WORDS KE KAI MEANDING HOTE HAIN YAHA PAR YOG WORD KA MEANING DHARMIK DRASHTI SE DENA H NA KI MATHMATICS KE HISAAB SE.

3593 days 22 hrs 38 mins ago By Vipin Sharma
 

JO APNI INDRIYON KA VASH ME KAR LE VO HI YOGI H ? YE YOG MATHAMATICS NAHI APITU DHARMIK HAI

3593 days 23 hrs 23 mins ago By Rajender Kumar Mehra
 

योग का अर्थ है जुड़ना और योगी का अर्थ है जो जुड़ गया | अर्थात जो मन वचन और कर्म से अपने अंतर में बैठे उस परमात्मा से जुड़ गया वही योगी है | राधे राधे

3594 days 40 mins ago By Vipul Nema
 

yogi ko bagwan ne geeta me samjaya hai nishaphal karm hi yog hi are ise karne wala yogi hai.

3594 days 1 hrs 51 mins ago By Chandrani Purkayasth
 

jogeswar ko man se jisne joda.. soi tan man se jogi ha kehlaya.

3594 days 3 hrs 47 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

जय श्री कृष्णा.... (योग = जोड़ना), (योगी = जोड़ने वाला) जो व्यक्ति अपने सभी कर्तव्य-कर्मो को "मन" से ईश्वर से जोड़कर करता है वही योगी होता है।

3594 days 4 hrs 12 mins ago By Manish Nema
 

योगी वो है जिसकी चेतना पूर्ण है। वो जो भी कहते हैं अर्थ पीछे भागता है। जब ज्ञानी बोलते हैं तो वो केवल दिमाग के स्तर पर नहीं होता। उन शब्दों में गहराई होती है। गुरु मुख से सुनने का अधिक लाभ होता है क्योंकि वो जीवन के अनुभव को ही बोल रहे हैं। योगी का यही लक्षण है कि योगी अस्तित्व से ही बोलता है। "राधे राधे"

 
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