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जिसके रोपण करने से व्यक्ति को शिव लोक की प्राप्ति होती है - वटवृक्ष

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वटवृक्ष के बारे में विस्तार से शास्त्रों में बताया गया है. वृक्षायुर्वेद में बताया गया है कि जो व्यक्ति दो वटवृक्षों का विधिवत रोपण करता है वह मृत्योपरांत शिवलोक को प्राप्त होता है.भविष्य पुराण में ही बताया गया है कि वटवृक्ष मोक्षप्रद."ज्येष्ठ पूर्णिमा" वटसावित्री व्रत पर वट वृक्ष की पूजा की जाती है.

 

शास्त्रों में ऐसी अनेक कथाये आती है जिसमे सावित्री जी की कथा आती है कि वटवृक्ष के नीचे पड़े अपने मृत पति को सावित्री ने पतिव्रत के प्रभाव से पुनर्जीवित किया थाएक बार मार्कंडेय ऋषि ने भगवान से उनकी माया का दर्शन कराने का अनुरोध किया, तब भगवान ने प्रलय का दृश्य दिखलाकर वृटवृक्ष के पत्ते पर चरण के अंगूठे को चूसते हुए बाल स्वरूप में दर्शन दिए.

 

                                              करारविन्दे पदारविन्दे मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम | 
                                            वटस्य पत्रस्य पुटे शयनम् बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि॥

 यह दृष्टांत वटवृक्ष का आध्यात्मिक महत्व दर्शाता है.इसी तरह वनवास के समय भगवान श्रीराम ने कुंभज मुनि के परामर्श से माता जानकी एवं भ्राता लक्ष्मण सहित पंचवटी (पांच वटों से युक्त स्थान) में निवास कर वटवृक्ष की गरिमा को और अधिक बढ़ा दिया. शुक्रताल मुजफ्फरनगर जनपद में स्‍थित एक विश्‍व प्रसिद्ध धार्मिक स्थान माना जाना जाता है. इस स्थान पर वटवृक्ष के नीचे महर्षि शुकदेव महाराज ने राजा परीक्षत को भागवत कथा सुनाई थी आज भी उस स्थान पर वह प्राचीन व पवित्र वटवृक्ष स्थित है.


शास्त्रों में बताया गया है कि वृक्षों को काटने वाला गूंगा और अनेक व्याधियों से युक्त होता है. अश्वत्थ (पीपल, वटवृक्ष और श्रीवृक्ष) का छेदन करने वालों को ब्रह्म हत्या का पाप लगता है.


वट वृक्ष का आयुर्वेद में भी बहुत महत्व है, इसकी जड़े छाल, फल, पत्ते, दूध सभी औषधि हैं. चर्म रोग व बहुमूत्र में छाल औषधि के रूप में इस्तेमाल होता है. इसका फलों का प्रयोग मधुमेह व बहुमूत्र जैसे रोगों में किया जाता है.  वट का दूध कटे छिले व घाव में काफी असरकारक है. 
 

DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
!! जय जय श्री राधे !!
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पूजित वृक्षों की महिमा
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