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घर में शोक, अशांति का निवास नहीं रहता - अशोक का वृक्ष

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अशोक  के पेड़ को पवित्र माना जाता है.शोक-दु:ख को दूर करने के कारण ही संभवत: इसे अशोक नाम की उपमा दी गई है.भगवान राम ने खुद ही इसे शोक दूर करने वाले पेड़ की उपमा दी थी.

कामदेव के पंच पुष्प बाणों में एक अशोक भी है.कवियों ने भी इसकी महत्ता के बारे में खूब लिखा है.रावण ने सीता हरण के बाद उन्हें अशोक-वाटिका में ही रखा था.चूंकि यहां अशोक के पेड़ अधिक संख्या में थे, इसलिए इसे अशोक-वाटिका कहा गया है.

यहीं अशोक के पेड़ पर बैठकर हनुमान जी ने सीता माता के दर्शन किये थे
.श्रद्धा, विश्वास, पवित्रता, शोक-निवारण आदि किया था. हुनमान जी ने अशोक वाटिका में पहले फल खाए फिर वाटिका उजाड़ दी,क्योकि  जब तक अशोक वाटिका रावण के महल में थी तब तक वह बिना शोक किये आराम से रहता था हनुमान जी तो परम ज्ञानी और बुद्धिमान है,उन्होंने सोचा माता सीता हो हरण करने लाया और आराम से सो रहा है जब तक यह वाटिका नहीं उजड़ेगी तक तक ये रावण अशोक अर्थात बिना शोक के रहेगा ये सोचकर उन्होंने सारी कि सारी वाटिका उजाड़ डाली.

                                        अशोक के वृक्ष का महत्व - 


हिंदू समाज में काफी लोकप्रिय एवं लाभकारी है
अशोक का शब्दिक अर्थ है, किसी प्रकार का शोक न होना.अशोक का पेड़ जिस स्थान पर होता है.वहां पर किसी प्रकार शोक व अशान्ति नहीं रहती है.मांगलिक एवं धार्मिक कार्यो में अशोक के पत्तों का प्रयोग किया जाता है.इस वृक्ष पर प्राकृतिक शक्तियों का विशेष प्रभाव रहता है.जिस कारण यह वृक्ष जिस जगह पर लगा होता हैवहां पर सभी कार्य पूर्णतः निर्बाध रूप से सम्पन्न होते है.इसी कारण अशोक वृक्ष भारतीय समाज में काफ़ी प्रासंगिक है.

वास्तुशास्त्र में उपयोग

  • अशोक का वृक्ष घर में उत्तर दिशा में लगाना चाहिए.जिससे गृह में सकारात्मक ऊर्जा का संचारण बना रहता है.घर में अशोक के वृक्ष होने से सुख, शान्ति एवं समृद्धि बनी रहती है एंव अकाल मृत्यु नहीं होती है.
     
  • परिवार की महिलाओं को शारीरिक व मानसिक ऊर्जा में वृद्धि होती है.यदि महिलायें अशोक के वृक्ष पर प्रतिदिन जल अर्पित करती रहे तो उनकी इच्छाएँ एवं वैवाहिक जीवन में सुखद वातावरण बना रहता है.
     
  • छात्रों की स्मरण शक्ति के लिए अशोक की छाल तथा ब्रहमी समान मात्रा में सुखाकर उसका चूर्ण बना लें.इस चूर्ण को 1-1 चम्मच सुबह शाम एक गिलास हल्के गर्म दूध के साथ सेवन करने से शीघ्र ही लाभ मिलेगा.
DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
!! जय जय श्री राधे !!
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