Theme :
Home
Granth
eBook
Saint
Yatra
Shanka
Health
Pandit Ji

राधा जी की तीसरी सखी है - चित्रा जी

  Views : 2831   Rating : 0.0   Voted : 0
Rate Article

राधा जी की तीसरी सखी है वो “चित्रा जी” है. ये श्री राधाकुण्ड  के पूर्व-दल पर “पदमकिन्जल्क” नामक विचित्र कुंज है. श्री कृष्णवल्लभा श्रीचित्रा स्वामिनी उसमे रहती है. अभिसारिका भावयुक्त रति है श्री कृष्ण में, और उनकी सेवा राधा माधव के प्रति “लवंग-माला” बनाकर सेवा करती है. इनकी अंग क्रांति केसर के वर्ण की है.


वस्त्र सज्जा - “वस्त्र काच वर्ण” के है. सदा विचित्र गुणों से युक्ता है. इनकी वयस् १४ वर्ष ७ मास १४ दिन है. इनके माता-पिता “चतुर और “चर्चिका” इनके पति “पीठरक” है.  

                                                                                        गौरलीला में -

चित्रा सखी “श्री गोविंदानंद” के रूप में विख्यात हुई.

निकुज में इनकी सेवा - 

"लवंग-माला" से राधा माधव जी की सेवा करती है 

 

 चित्रा सखी जी का मंत्र -  

“श्रीं चित्रायै स्वाहा”


श्री चित्रा सखी जी की ध्यान विधि -

कश्मीर-कांति-कमनीय-कलेवराभां, सुस्निग्धकचनिचयप्रभचारूचेलाम |

श्री राधिके ! तव मनोरथ-वस्त्र दाने, चित्रां विचित्र ह्रदयां सदयां प्रपधे ||

 

अर्थात -  “केशव वर्णागी,विचित्र गुणसम्पन्न,मुस्कान युक्त सुन्दर मुखवाली काँच के वर्ण के समान वस्त्र धारण करने वाली, सुदंर मुस्कान युक्त मुख वाली और श्री कृष्ण जी की लवंग और माला प्रदान करके सेवा करने वाली चित्रा जी का हम ध्यान करते है.”

इनकी भी आठ सखियाँ है -  रसालिका, दूसरी तिलकनी, शौरसेनी, सुगंधिका, वामिनी, बामनयना, नागरी नागवल्लिका ये यूथ में प्रधान है.

 

DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
!! जय जय श्री राधे !!
Comments
Enter comments


 
राधा जी की सखियाँ
Last Viewed Articles
eBook Collection
सभी किताबे
राधा संग्रह
ग्रन्थ
कृष्ण संग्रह
व्रज संग्रह
व्रत कथाएँ
यात्रा
DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
Copyright © radhakripa.in>, 2010. All Rights Reserved
You are free to use any content from here.