Theme :
Home
Granth
eBook
Saint
Yatra
Shanka
Health
Pandit Ji

नित्य कर्म - परिचय

  Views : 2530   Rating : 0.0   Voted : 0
Rate Article

प्रातःकाल उठके रघुनाथा।

मात पिता गुरु नावई माथा।।


हमारी दिनचर्या कैसी हो ये प्रभु श्री राम हमें बताते है अर्थात प्रभु श्री राम प्रातः काल उठकर सबसे पहले अपने माता-पिता गुरु जनो को शीश नवाते थे, गुरु के उठने से पहले ही जगत्पति उठ जाया करते थे .सुबह का समय सबसे सकारात्मक ऊर्जा का होता है इसलिए सुबह कब उठे? और उठकर सबसे पहले क्या करे? इस बात पर क्या कभी हमने विचार किया है?

कहते है दिन की शुरुवात अच्छी हो तो सारा दिन अच्छा बीतता है, और हमारी सुबह कैसे होती है?, बेड-टी से, किसी की टी. वी. से और अखबार के साथ जिसमे हम पढते है यहाँ चोरी हुई, यहाँ क़त्ल हुआ, इसने इसको मारा. इसी तरह की नकारत्मक खबरे पढते रहते है.ये हम पर निर्भर करता है कि हम अपने दिन कि शुरुवात कैसे करते है.तो आईये हम अपने दिन की शुरुवात करे अच्छे कामो से भगवान के स्मरण से, जिसे हमारे शास्त्रों और पुराणों ने बहुत पहले ही बताया है, इसे ही नित्यकर्म कहते है.

 "जय जय श्री राधे"
 

DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
!! जय जय श्री राधे !!
Comments
Enter comments


 
अच्छी आदते
Last Viewed Articles
eBook Collection
सभी किताबे
राधा संग्रह
ग्रन्थ
कृष्ण संग्रह
व्रज संग्रह
व्रत कथाएँ
यात्रा
DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
Copyright © radhakripa.in>, 2010. All Rights Reserved
You are free to use any content from here.