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कुंभनदास जी के साथ प्रभु की लीला

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एक बार कुंभनदास जी बड़ी आतुरता पूर्वक प्रभु की राह देख रहे थे। और उस दीन प्रभु को आने में कुछ विलंब हुआ।प्रभु आए और उन्हें देख कर कुंभनदास जी उत्सुक्ता पूर्वक पूछने लगे। अरे लाल आज तो बड़ी देर है गइ ?

तब प्रभु बोले - क्या बताऊँ कुंभना (प्रभु कुंभनदास को सखा भावते कुंभना कहेते) आज तो चतुरानन ने परिक्रमा करते करते रोटी और बरी को साग आरोगायो। पर वो कम पड़ गयो और मे तो भुखो ही रहेगो।


और दूसरी तरफ माधवानंद ने भोग भी सराय लियो। माधवानंद को फिर से भोग लगायवे को कह्यो। पर वह पंडित..। उसमें भाव नहीवत हो।सो वाके संतोष प्राप्त नाय भयो। दुसरी बार भी भुखो ही रहे गयो। 
या लिए में तेरे पास आयो हो। कुंभना कछु होय तो मोको आरोगाव।

तब कुंभनदास दास शीध्र गए और अपनी रोटी की पोटली ले कर आए।

पोटली देखकर प्रभु बोले,- 
अरे कुंभना तेने कछु खायो नाय भुखो है अभी ? तब कुंभनदास बडे ही दीनता सो बोले-  अरे लाला अैसो कभु भयो हे जब मेने बिना तेरे भोजन कीयो होय ?

प्रभु बोले - कुंभना आज तो तेरी गोदी में बैठकर अारोगवे को मन है। और प्रभु कुंभनदास की गोद में बीराजमान हो गए। कुंभनदास प्रभु के मस्तक पे हाथ फेरते हुए बड़े भाव से आरोगाने लगे। बैजर की रोटी और टेंटी को साग।


कुंभनदास ने कहा - लाला बैर को संधानो मत खाइयों। तु बडो ही नाजुक है। तेरे गले में अटक जाएगो। गोरस भी है वाय पीले।

वाह प्रभु स्वयं भक्त सखा की गोद में बीराजमान होकर आरोग रहे हैं। भक्त और प्रभु दोनों की अांखे स्नेह अश्रू से छलकने लगी। अैसो स्नेह अैसो अदभुत अलौकिक सुख प्रभु ने कुंभनदास को दियो।

प्रभु जितनी बार गोरस को पीवें उतनी बार कुंभनदास की बंडी से अपने मुख को पोंछते जामे।और कुंभनदास प्रभु का मस्तक चुमकर स्नेह पूर्वक आरोगामे।


प्रभु बोले - बस कुंभना मोय संतोष भयो। अब तु भी भोजन आरोग ले। प्रभु कुंभनदास की गोद से उतर कर सन्मुख बैठ गए। परंतु कुंभनदास तो भाव विभोर हो कर प्रभु को एक टक निहारते रहे...निहारते रहे।


तब प्रभु बोले - कुंभना तु अैसे ना खा पाएगो। मे तेरी गोदी में बैठ जाओ। प्रभु कुंभनदास की गोद में बीराजमान हो कर कुंभनदास को अपने श्री हस्त से आरोगाने लगे।


अैसो है पुष्टि में भक्त को भगवान के प्रति और भगवान को भक्त के प्रति भाव और स्नेह।

DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
!! जय जय श्री राधे !!
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