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महा मृत्युंजय मंत्र

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भगवान शिव जी का यह मंत्र बड़ा प्रभावी और दिव्य है इस मंत्र को महामृत्युंजय मंत्र कहते है .

 

ॐ त्र्यम्बकम् यजामहे सुगन्धिम्पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनात् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात।।

इस मंत्र को संपुटयुक्त बनाने के लिए इसका उच्चारण इस प्रकार किया जाता है...

ॐ हौं जूं स: ॐ भूर्भुवः स्वः
ॐ त्र्यम्बकम् यजामहे सुगन्धिम्पुष्टिवर्धनम्।

                                      उर्वारुकमिव बन्धनात् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात।।
                                               ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ

इस मंत्र का अर्थ है : हम भगवान शंकर की पूजा करते हैं, जिनके तीन नेत्र हैं, जो प्रत्येक श्वास में जीवन शक्ति का संचार करते हैं, जो सम्पूर्ण जगत का पालन-पोषण अपनी शक्ति से कर रहे हैं... उनसे हमारी प्रार्थना है कि वे हमें मृत्यु के बंधनों से मुक्त कर दें, जिससे मोक्ष की प्राप्ति हो जाए... जिस प्रकार एक ककड़ी अपनी बेल में पक जाने के उपरांत उस बेल-रूपी संसार के बंधन से मुक्त हो जाती है, उसी प्रकार हम भी इस संसार-रूपी बेल में पक जाने के उपरांत जन्म-मृत्यु के बन्धनों से सदा के लिए मुक्त हो जाएं, तथा आपके चरणों की अमृतधारा का पान करते हुए शरीर को त्यागकर आप ही में लीन हो जाएं...


"जय जय श्री राधे"
 

DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
!! जय जय श्री राधे !!
Comments
2011-12-02 21:48:10 By Yogesh Verma

hari om

2011-11-19 20:34:09 By Shiv Kumar

Om Namah Shivaye
Jai Jai Shri Radhe

2011-11-18 16:39:34 By NEENA SHARMA

Ishwar hi satya hai.

2011-11-17 22:07:43 By Meenakshi Goyal

om namah shivaye

2011-11-17 22:06:09 By Meenakshi Goyal

om namah shivaye

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