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क्या आप भी चाहते है अपना संतुलित वजन तो ले ये आहार

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वजन संतुलित रखने वाले पांच आहार यदि हम अपनी रोज के खाने में शामिल कर ले तो वजन आसानी से संतुलित हो जायेगा.तो आईये जाने ऐसे ही कुछ आहार के बारे में - 
 

1) सलाद -  आपके सुबह व शाम के भोजन में सलाद के लिए एक सुरक्षित स्थान होना चाहिए. यदि आप कम कैलोरी और हाई फाइबर वाला फूड लेना चाहते हैं तो सलाद आपके लिए बेहतर विकल्प है. 

सलाद के लिए प्रयोग में आने वाली कच्ची सब्जियों व फलों में एंटी ऑक्सीडेंट, नेचुरल एंजाइम्स और फाइबर्स होते हैं जो शरीर के कोलेस्ट्रॉल को कम करने के साथ ही भोजन के पाचन में भी सहायक होते हैं. इससे आपका वजन भी नियंत्रित रहता है. यदि आप सेहत के प्रति जागरूक हैं तो आपको रोजाना कम से कम एक बड़ा कप हरी सलाद खानी चाहिए. 

 

2) छिलके वाली दाल - छिलके वाली दालों में प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है. प्रोटीन के साथ ही दालों में फोलिक एसिड, विटामिन ए, विटामिन बी आदि होता है. इनका रोजाना सेवन शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करता है जिससे आपका वजन नियंत्रित होता है. 


3) खट्टे फल - फलों में सबसे अधिक गुणकारी खट्टे फल होते हैं. पीले व नारंगी रंग के फलों में बीटा केरोटिन व एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं. खट्टे फल विटामिन सी, कैल्शियम, मिनरल, फाइबर्स आदि का प्रमुख स्रोत होते हैं जो शरीर के विकास के लिए उपयोगी होते हैं. नींबू में मौजूद पेक्टिन शरीर में जमा वसा को गलाता है और पाचन प्रक्रिया को भी धीमा करता है जिससे खाने के बाद भी लगने वाली भूख शांत होती है. 

खट्टे फलों का सेवन डाइबीटिज, कैंसर, एनीमिया, मोतियाबिंद, अस्थमा, किडनी में पथरी आदि रोगों में लाभदायक होता है. इन फलों को निरंतर सेवन से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी वृद्घि होती है. 

 

4) तरल चीजे,जूस -  भोजन के पूर्व या पश्चात यदि आप तरल पदार्थ लेने के आदी हैं तो इस सर्द मौसम में भी आप छाछ, लस्सी, दही व फ्रूट जूस का सेवन कर सकते हैं. दही, छाछ व ताजे फलों का रस आपके शरीर के लिए गुणकारी होता है. खट्टे फलों में नींबू का रस वजन कम करने, डेंटल केयर, बुखार, रक्त शुद्धि आदि में सहायक होता है. 


भोजन के बाद ली जाने वाली छाछ में दूध की अपेक्षा फैट की मात्रा कम होती है. यदि हम लिक्विड में नारियल पानी की बात करें तो इसमें पोटेशियम की भरपूर मात्रा होती है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के साथ ही शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट, शर्करा व वसा की कम मात्रा होती है. 

5) अंकुरित अनाज - अंकुरित किए जाने से अनाज में पोषक तत्वों की मात्रा दुगुनी हो जाती है. चना, मूंग, सोयाबीन, मटर आदि को अंकुरित करके खाया जा सकता है. सर्दियों के मौसम में नाश्ते में अंकुरित अनाज को शामिल करना स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर है. भरपूर अंकुरित अनाज का सेवन आप सूप या सलाद के साथ भी कर सकते हैं. 


सुलभ, सस्ता, बनाने में आसान व पौष्टिक होने के कारण अंकुरित अनाज का सेवन आपके शरीर के लिए लाभदायक होता है. विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन, एंटी ऑक्सीडेंट आदि की भरपूर मात्रा होने के कारण अंकुरित अनाज हमारे भोजन के पाचन में भी सहायक होता है.


स्प्राउट्स यानी अंकुरित खाने की चीजें. यूं तो किसी भी दाल को अंकुरित करके स्प्राउट्स बनाए जा सकते हैं, पर सभी स्प्राउट्स में सबसे अच्छे हरे मूंग के स्प्राउट्स होते हैं. उड़द, मसूर, सोयाबीन, चना आदि के स्प्राउट्स भी घर पर आसानी से बनाए जा सकते हैं. अंकुरित मूंग में विटामिन-सी, विटामिन-बी और प्रोटीन होता है. यह पूरी तरह कैलोरी फ्री है.

घर पर स्प्राउट्स बनाने के लिए मूंग या चना आदि को रातभर पानी में भिगो कर छोड़ दें. सुबह वे फूल जाएंगे, जिन्हें पानी से निकाल कर साफ गीले सूती कपड़े में लपेट कर पांच-छह घंटे के लिए छोड़ दें. स्प्राउट्स बनाने के लिए स्पेशल बॉक्स भी बाजार से खरीदा जा सकता है. बाजार से बने-बनाए स्प्राउट्स खरीदते समय ध्यान दें कि वे एकदम साफ, ताजा और फंगसरहित हों. स्प्राउट्स को कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है.

जायका बढ़ाने के लिए ,बच्चे इसे आसानी से खा ले, इसके लिए स्प्राउटको सैंडविच, ब्रेड पर आलू की टिक्की या पिट्ठी रखें, उस पर स्प्राउट्स फैला दें, साथ ही छोटे-छोटे टुकडमें में कटे प्याज और टमाटर रखें.  चाट मसाला और काला नमक डाल कर ब्रेड से ढक दें.

DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
!! जय जय श्री राधे !!
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