Theme :
Home
Granth
eBook
Saint
Yatra
Shanka
Health
Pandit Ji

गोपी - गीत परिचय

  Views : 4522   Rating : 4.6   Voted : 36
Rate Article

श्रीमद भागवत में दशम स्कंध में गोपी गीत आता है जब भगवान शरद पूर्णिमा की रात में रास लीला का प्रारम्भ करते है तो कुछ समय बाद गोपियों को मान हो जाता है कि  इस जगत में हमारा भाग्य ही सबसे श्रेष्ठ है भगवान उनके मन की बात समझकर बीच रास से अंतर्ध्यान हो जाते है, व्यक्ति केवल दो ही जगह  जा सकता है, एक है संसार और दूसरा है आध्यात्म या भगवान. जैसे ही भगवान से हटकर गोपियों का मन अपने ही भाग्य पर चला गया यहाँ भगवान बता रहे है कि जैसे ही भक्त मुझसे मन हटाता है वैसे ही मै चला जाता है.

 

 

भगवान सहसा अंतर्धान हो गये. उन्हें न देखकर व्रजयुवतियो के हदय में विरह की ज्वाला जलने लगी - भगवान की मदोन्मत्त चाल, प्रेमभरी मुस्कान, विलासभरी चितवन, मनोरम प्रेमालाप, भिन्न-भिन्न प्रकार की लीलाओ और श्रृंगाररस की भाव-भंगियो ने उनके चित्त को चुरा लिया था. वे प्रेम की मतवाली गोपियाँ श्रीकृष्णमय हो गयी और फिर श्रीकृष्ण की विभिन्न चेष्टाओं और लीलाओ का अनुकरण करने लगी. अपने प्रियतम की चाल-ढाल, हास-विलास और चितवन- बोलन आदि मे श्रीकृष्ण की प्यारी गोपियाँ उनके समान ही बन गयी.

 

 

उनके शरीर में भी वही गति-मति वही भाव-भंगिमा उतर आयी, वे अपने को सर्वथा भूलकर ‘श्रीकृष्ण स्वरुप’ हो गयी. ‘मै श्रीकृष्ण ही हूँ’ इस प्रकार कहने लगी वे सब परस्पर मिलकर ऊँचे स्वर से उन्ही के गुणों का गान करने लगी. मतवाली होकर एक वन से दूसरे वन में एक झाड़ी से दूसरी झाड़ी में जा-जाकर श्रीकृष्ण को ढूँढने लगी. वे पेड-पौधों से उनका पता पूछने लगी – हे पीपल, बरगद! नंदनंदन श्यामसुन्दर अपनी प्रेमभरी मुस्कान और चितवन से हमारा मन चुराकर चले गये है क्या तुमने उन्हें देखा है ?

 

 

जब भगवान उन्हें कही नहीं मिले तो श्रीकृष्ण के ध्यान में डूबी गोपियाँ यमुना जी के पावन पुलिन पर रमणरेती में लौट आयी और एक साथ मिलकर श्रीकृष्ण के गुणों का गान करने लगी.सबने एक साथ, एक ही स्वर में, 'गोपी-गीत' गाया.

 

 

जब सब गोपियों के मन की दशा एक जैसी ही थी, सबके भाव की एक ही दशा थी, तब उन करोड़ो गोपियों के मुँह से एक ही गीत, एक साथ निकला,इसमें आश्चर्य कैसा ? गोपी गीत में उन्नीस श्लोक है. गोपी गीत `कनक मंजरी’ छंद में है.

 

 

ये गोपी गीत बड़ा ही विलक्षण ,आलौकिक है जो नित्य इस गोपी गीत  पाठ करता है भगवान श्री कृष्ण जी में उसका प्रेम होता है और उसे उनकी अनुभूति होती है.

 

भगवान के अन्तर्धान होने का एक कारण और था भगवान गोपियों के प्रेम को जगत को दिखाना चाहते थे कि गोपियाँ मुझसे कितना  प्रेम करती है.

 

 

"जय जय श्री राधे" 

DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
!! जय जय श्री राधे !!
Comments
2012-01-11 06:08:54 By deepak sharma

jo upar se niche ki or bahe vo dhara, lekin jo niche se upar ki or bahe vo radha.

2011-10-03 16:27:23 By Vandana Goel

Gaurangaaaaaaa!!!!!!!!!!

2011-07-17 21:14:31 By Rajender Kumar Mehra

radhe radhe

2011-07-11 17:01:25 By Richa Singla

I came to know so much about Gopi Geet. Thanks for sharing. Radhey Radhey

2011-05-26 02:53:16 By Nidhi Nema

राधे राधे ,आप गोपी गीत परिचय के अगले आर्टिकल को पढ़े उसमे गोपी गीत श्लोक ,उनका अर्थ और ऑडियो सभी है.

2011-05-26 02:47:32 By hemant kapoor

jai jai shri radhey shyam. apke dwara bataye gaye gopi geet ke varnan se mai ati parbhawit hua hu. kripya mujhe virha me dubi hui gopiyo ke mukh se nikle gopi geet ke shalok bataye. shri radhey.

2011-05-18 20:56:05 By sharad chaturvedi

jai gopal

2011-05-09 22:37:32 By deepak

\"जय जय श्री राधे\"

2011-04-23 21:32:29 By bhawna makan

really \'beautiful\'........hare krsna

2011-04-13 03:46:40 By kailash chandra sharma

he krishna , gopikaon ke is pragad prem sagar ki kuchh bundey mere hriday patal par bhi tapka do na .. he radha rani tum hi ktipa karo .. tumhari bat kanha nahi talenge ...

2011-03-31 21:44:06 By chintan vedant

bahut sundar radhey radhey

2011-03-31 21:44:05 By chintan vedant

bahut sundar radhey radhey

2011-03-31 21:44:00 By chintan vedant

bahut sundar radhey radhey

2011-03-31 21:43:43 By chintan vedant

bahut sundar

2011-03-24 20:07:16 By sudarshan das

ate sunder hai ji ...radheradhe....

2011-03-12 02:16:15 By kailash agrawal

i like gopi geet verymuch,since in gopi geet, gopies are remembering each actions of sri krishn whole heartedly

2011-03-10 22:24:51 By Navneet

Radhe radhe... Where can i get gopi geet and narad bhakti sutra etc. Pls pls pls tell me...

2011-03-05 07:32:24 By prateek rijwani

awesome.....

2011-02-24 01:22:48 By Dr. Anjali Nalya

Very Nice

2011-02-18 05:42:12 By Vasundhara

Beautiful Narration.. Enchanting... Devotional..

2011-02-14 06:07:09 By Ajay Nema

Very Nice

2011-02-05 17:59:49 By juhi agarwal

Jai Shri Radhe Krishna! Thank you so much as i was searching for Gopi Geet since a long time and wanted to recite it. Please do mail Me the entire shlokas so that by Krishna Ji\'s blessings i too can read it. Thank You

2011-01-29 19:01:44 By anadhi

aha... how beautiful..!

Enter comments


 
गोपी गीत
Last Viewed Articles
eBook Collection
सभी किताबे
राधा संग्रह
ग्रन्थ
कृष्ण संग्रह
व्रज संग्रह
व्रत कथाएँ
यात्रा
DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
Copyright © radhakripa.in>, 2010. All Rights Reserved
You are free to use any content from here.