Theme :
Home
Granth
eBook
Saint
Yatra
Shanka
Health
Pandit Ji

श्री अयोध्या जी - परिचय

  Views : 441   Rating : 0.0   Voted : 0
Rate Article

श्री राम की जन्म-भूमि अयोध्या उत्तर प्रदेश में सरयू नदी के दाएँ तट पर स्थित है.अयोध्या फ़ैज़ाबाद ज़िले में आता है. प्राचीन काल में इसे कौशल देश भी कहा जाता था. यह अयोध्या नगरी सप्त मोक्षदायिनी पुरियों में प्रथम स्थान पर है. 

पुराणों व धार्मिक ग्रंथों मे इसके बारे में बहुत से उल्लेख मिलते हैं राम के समय यह नगर अवध  नाम की राजधानी से सुशोभित था. रामायण के अनुसार अयोध्या नगरी की स्थापना मनु द्वारा की गई थी तथा अनेक शताब्दियों तक यह अयोध्या नगरी सूर्यवंशी राजाओं की राजधानी रही. 


अयोध्या ऐसा तीर्थ बताते हैं जहां रामलला का प्राकट्य हुआ,यहीं उन्होंने बाल लीलाये की. और रामराज्य की स्थापना के बाद सशरीर श्रीराम ने अयोध्या में सरयू में समाधि लेकर सभी अयोध्या वासियों को साथ में लेकर अपने साकेत धाम को गए. अयोध्या सभी देवी देवताओं के मंदिरों की नगरी है और साधु संतों के मठ अखाड़ों के अलावा त्रेता युगीन अवशेष आज भी यहां श्रद्धालुओ के विस्मय का केन्द्र है.


अयोध्या में ब्रम्हा जी द्वारा निर्मित ब्रम्हकुण्ड है एवं सीताजी द्वारा सीताकुण्ड भी है जिसे भगवान राम ने वर देकर समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला बना दिया है. इस कुण्ड में स्नान से सभी पापों की मुक्ति होती है. यहां सहस्त्रधारा से पूर्व स्वर्गद्वार है. इस स्थान पर यज्ञ, हवन, दान, पुण्यादि अक्षय हो जाता है.

 

रामावतार के समय अयोध्या जी की शोभा का वर्णन गोस्वामी तुलसीदासजी बाल काण्ड में लिखते है :-

जद्यपि अवध सदैव सुहावनि, रामपुरी मंगलमय पावनी
.
तदपि प्रित कै रीत सुहाई, मंगल रचना रची बनाई
..
शोभा दशरथ भवन की को कवि बरनै पार
.
जहां सकल सुर सीस मनि राम लीन्ह अवतार
..
  

 

अर्थात - यद्यपि अयोध्या सदा सुहावनी है, क्योंकि वह श्री रामजी की मंगलमयी पवित्र पुरी है, तथापि प्रीति पर प्रीति होने से वह सुंदर मंगल रचना से सजाई गई.

 

DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
!! जय जय श्री राधे !!
Comments
Enter comments


 
श्री अयोध्या जी
Last Viewed Articles
eBook Collection
सभी किताबे
राधा संग्रह
ग्रन्थ
कृष्ण संग्रह
व्रज संग्रह
व्रत कथाएँ
यात्रा
DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
Copyright © radhakripa.in>, 2010. All Rights Reserved
You are free to use any content from here.