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आरती संग्रह

  Views : 2247   Rating : 3.2   Voted : 10
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आरती का अर्थ होता है आर्त भाव अर्थात भगवान को आर्त भाव से पुकारना,एक मात्र शरणागत भगवान है केवल एक उनका ही भरोसा है जब एक भक्त बहुत भाव और प्रेम से आरती करता है तो भगवान भी उसके आर्त भाव से प्रसन्न हो जाते है.

 

दिल से भाव से गाई गई आरती सीधी भगवान तक पहुँचती है,ऐसा कहते है कि आरती गाने से वातावरण पवित्र और मंगलमय हो जाता है.यहाँ कुछ आरती प्रस्तुत करने की हमारी छोटी सी कोशिश है. 

 

"जय जय श्री राधे" 


DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
!! जय जय श्री राधे !!
Comments
2011-08-12 18:12:09 By Gulshan Piplani

radhey radhey

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