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Pandit Ji

जो इन दोनो को जीतता है वही बुराईयों को जीत सकता है

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प्रभु श्री राम जानकी जी और लक्ष्मण जी सहित जब वन में गए है तो वहाँ बहुत से संत, ऋषि-मुनि,मिले है.सबके दर्शन करते हुए भगवान आगे बढते जाते है,इन सब में तीन ऋषि है "भरद्वाज जी","वाल्मीकि जी" और "अगस्त्य जी" है. भगवान श्री राम ने ऋषि भरद्वाज जी से मार्ग के बारे में पूंछा है.वाल्मीकि जी से रहने का स्थान पूँछा है और अगस्त्य जी से राक्षसों को मारने की विधि पूँछी है.

"अब सो मंत्र देहु प्रभु मोही जेहि प्रकार मारौ मुनिद्रोही "

अगस्त्य जी से राक्षसों को मारने की विधि क्यों पूँछी ?क्योकि अगस्त्य जी ने दो बहुत बड़े काम किये है.-

1.विध्याचल पर्वत को झुकाया है. 2. समुद्र को एक ही घूँट में पी लिया. 

1. - विध्याचल पर्वतो के राजा थे.एक बार विध्याचल ने सूर्य से पृथ्वी की परिक्रमा छोड़कर अपनी परिक्रमा करने को कहा सूर्य ने मना कर दिया.

इस पर विध्याचल ने कहा यदि मेरी परिक्रमा नहीं की तो मै किसी की भी परिक्रमा नहीं करने दूँगा.अहंकारी में डूबा व्यक्ति ऐसा ही करता और कहता है मुझे चमकाओ नहीं तो किसी को नहीं चमकने दूँगा.विध्याचल बोला मै अभी इतना बड़ा हो जाऊँगा कि तुम्हे भी ढक दूँगा.इतना कहकर विध्याचल ने अपना आकार बढ़ाना शुरू किया.और सूर्य ढकने लगा तो सभी जगह अन्धकार छाने लगा.


सभी ने अगस्त्य जी से प्रार्थना की क्योकि विध्याचल के गुरु अगस्त्य जी थे और विध्याचल बड़ा ही गुरु भक्त था,अब अगस्त्य जी विध्याचल के पास गए,विध्याचल ने झुककर प्रणाम किया तो अगस्त्य जी बोले - विध्याचल मै दक्षिण की यात्रा पर जा रहा हूँ,मै जब तक लौटकर नहीं आ जाता तब तक तुम ऐसे ही झुके रहना,और अगस्त्य जी फिर कभी लौटकर नहीं आये और आज भी विध्याचल झुका हुआ है.इस तरह अगस्त्य जी ने अहंकार को विनम्रता में बदला.


2. - अगस्त्य जी ने सागर को एक ही घूँट में पिया है.जब देवताओ ने उनसे प्रार्थना की कि समुद्र में राक्षस छुपे है यदि आप समुद्र को पी जाए तो हम राक्षसो को मार देगे,तब मुनि अगस्त्य जी एक ही घूँट में समुद्र को पी गए.


इसी तरह जीवन में भी जो बड़े से बड़े शोक और दुख रूपी समुद्र को घूँट भर में पी जाए विचलित न हो ,वही अगस्त्य है.व्यापार में बड़ा घाटा ,बेटे की मृत्यु जैसे बड़े से बड़े शोक को भी पी जाए, वही बुराईयों को दबा सकता है.और अगस्त्य जी ने अहंकार और शोक दोनों को दबाने की शक्ति थी इसलिए भगवान ने उनसे ही राक्षसों को मारने की विधि पूँछी.
 

DISCLAIMER:Small effort to expression what ever we read from our scripture and listened from saints. We are sorry if this hurts anybody because information is incorrect in any context.
!! जय जय श्री राधे !!
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