Theme :
Home
Granth
eBook
Saint
Leelaye
Temple
Yatra
Jap
Video
Shanka
Health
Pandit Ji

प्राकृतिक प्रकोपों को कैसे रोक सकते हैं

हम प्रेम की शक्ति का प्रयोग कर के प्राकृतिक प्रकोपों को कैसे रोक सकते हैं या शांत कर सकते हैं?

  Views :796  Rating :0.0  Voted :0  Clarifications :6
submit to reddit  
2563 days 11 hrs 35 mins ago By Gulshan Piplani
 

मनुष्य ने अपने ज्ञान-विज्ञान से कुछ सीखा है जैसे पेड़ पोधे मनुष्य को प्रेम देते हैं हमें आक्सीजन प्रदान करते हैं और बिना आज्ञा अपेक्षा के हमें अपने फल प्रदान करते हैं वह इस प्रकृति का हिस्सा हैं ठीक वैसे ही जैसे नदियाँ, झरने, पहाड़ इत्यादि भी प्रकृति का हिस्सा हैं| जिस तरह मनुष्य प्रदूषण फेला प्रकृति को तहस नहस कर रहा है उससे प्रकृति असंतुलित होती है और अणु bombs गोला-बारूद की पचुरता ही प्राकृतिक असंतुलन का कारण है| अगर मानव पुन: आपस में प्रेम भाव बनाये रखे, प्रदूषण से प्रकृति को बचाकर, स्वयं को प्राकृतिक प्रकोपों से बचा सकता है| इसलिए राधा नाम जो प्रेम का स्वरूप है उसका जप कर सम्पूर्ण विश्व में प्रेम का संचार करें और प्रकोपों से राहत पाने का प्रयास करें - बाकि तो बस राधे राधे जपता जा - प्रकृति प्रोकोपों से बचता जा| -गुलशन हर भगवान् पिपलानी -

2567 days 16 hrs 58 mins ago By Ashish Anand
 

hum prakritik prakopon ko rok nahin sakten kyun ki vo to swyam god ke parikar dwara kiya jata hai, lekin hum bhagwan ki seva aur dharma ka palan karke inn sabhi prakopon se bach sakten hain... wastav mein sabhi shaktiyon ka apna ek vishesh sthan hota hai so yahaan prem ka utna mahtva nahin hai jitana ki bhagwan ki shraddha purvak seva aur apne dharma-aacharan ka satyata purvak palan karna... hare krishna

2567 days 19 hrs 27 mins ago By Dheeraj Agarwal
 

jis tarah ek mor ka pankh bhagwan ji apne sir per dharan kerte hai q ki wo hi aisa premi hai jo prem me kewal apne premi ke aansu pi ker garbh dharan ker sakta hai isse wadi prem ki koi para kashtha nhi ho sakti.............aap swam soche.........

2567 days 19 hrs 31 mins ago By Dheeraj Agarwal
 

radhey radhey

2569 days 5 hrs 2 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

जय श्री कृष्णा.... प्रकृति के नियमों के पालन करके।

2570 days 28 mins ago By Diwakar Kushwaha
 

मेरे अनुसार इस संसार में हर जीव और वस्तु की नियंत्रित संख्या और कार्य होते है और जब इनमे व्यवधान उपस्थित होता है और प्रकृति असंतुलन का अनुभव करती है तो असंतुलन को संतुलन में बदलने के लिए प्रकृति द्वारा उठाया गया कदम ही " प्राकृतिक प्रकोप " कहलाता है देखा जाए तो ये हमारी सोच मात्र है की हम इस घटना को प्रकोप का नाम देते है वास्तव में ये प्रकोप नहीं बल्की मात्र संतुलन की एक प्रक्रिया है. उदाहरण स्वरूप हम देखे यदि किसी क्षेत्र में किसी भी जीव जाती की अधिकता हो रही है और वह जीव असंतुलन का कारण बन रहा है उस स्थिति में संतुलन का कार्य प्रकृति अपने हाथ में लेती है इस स्थिति में प्रेम की भला क्या भूमिका हो सकती है ये प्रकृति द्वारा प्रदत्त न्याय है जिसमे कोई अपना पराया नहीं होता सभी को इसका पालन करना पड़ता है -------हरी ॐ तत्सत

 
Tags :
Radha Blessings



Click here to know more about Radha Blessings
Popular Article
Latest Video
Latest Opinion Topic
Latest Bhav
Spiritual Directory


Today Top Devotee [0]

Today Opinion Topic

हम अधिक अनुशासित कैसे बने?

Radhakripa on Mobile

This Month Festivals

Guru/Gyani/Artist
Online Temple
Radha Temple
   Total #Visiters :1338
Baanke Bihari
   Total #Visiters :290
Mahakaal Temple
   Total #Visiters :
Laxmi Temple
   Total #Visiters :244
Goverdhan Parikrima
   Total #Visiters :353
Animated Leelaye
Maharaas Leela
   Total #Visiters :340
Kaliya Daman Leela
   Total #Visiters :
Goverdhan Leela
   Total #Visiters :
Utsav
Radha Ashtami
   Total #Visiters :
Krishna Janmashtami
   Total #Visiters :
Diwali Utsav
   Total #Visiters :244
Braj Holi Utsav
   Total #Visiters :
eBook Collection
सभी किताबे
राधा संग्रह
ग्रन्थ
कृष्ण संग्रह
व्रज संग्रह
व्रत कथाएँ
यात्रा
Copyright © radhakripa.com, 2010. All Rights Reserved
You are free to use any content from here but you need to include radhakripa logo and provide back link to http://radhakripa.com