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चीटी मनुष्य से क्यों नहीं डरती ?

सभी पशु पक्षी और जानवर मनुष्य से डरते है पर चीटी मनुष्य के पास जाने पर क्यों नहीं डरती ?

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2614 days 2 hrs 18 mins ago By Gulshan Piplani
 

जो जीव सम्पूर्ण जीवन उद्धम में व्यतीत करता है और अहंकार शून्य हो स्वयं को सूक्ष्म समझता है उसे भय नहीं सताता| डर का मुख्य कारण हमारा अस्तित्व है जब हम सम्पूर्ण दिवस बिना फल की कामना किये कार्यरत्त हो उद्धम में लगे रहते हैं तो भय जैसे नकारात्मक विचार हमें नहीं सताते| - बाकि तो बस राधे राधे जपता जा आगे आगे बढ़ता जा - राधे राधे

2623 days 23 hrs 10 mins ago By Pradeep Narula
 

श्रीमदभागवत कथा में एक प्रसंग था जब कृष्णजी इन्द्र के प्रकोप की बारिश से बचाने के लिये गोकुलवासियों के लिये गोवर्धन पर्वत को अपनी चींटी ऊँगली याने कि सबसे छोटी ऊँगली से तीन दिनों तक उठा लेते हैं, तो गोकुलवासी भी पर्वत को उठाने में अपने सामर्थ्य अनुसार योगदान करते हैं, कोई अपने हाथों से पर्वत को थामता है तो कोई अपनी लाठी पर्वत के नीचे टिका देता है। इस तरह से तीन दिन बीत जाते हैं, तो गोकुल वासी कृष्णजी से पूछते हैं “लल्ला तुमने तीन दिन तक कैसे गोवर्धन पर्वत को उठा लिया ?” अब कृष्णजी कहते कि मैं भगवान हूँ कुछ भी कर सकता हूँ तो गोकुलवासी मानते नहीं, इसलिये उन्होंने कहा कि “आप सब जब पर्वत के नीचे खड़े थे और सब मेरी तरफ़ देख रहे थे, तो मेरे शरीर को शक्ति मिल रही थी और उस शक्ति को मैंने अपनी चीटी यानी कि छोटी ऊँगली को देकर इस पर्वत को उठा रखा था” तो भोले भाले गोकुल वासी बोले “अरे ! लल्ला तबही हम सोच रहे हैं कि हम सभी को कमजोरी क्यों लग रही है ।” इस लिए ये कहावत या सच्ची बात हे की चीटी को इन्सान या हाथी से डर नहीं लगता I और इस लिए जब भी कोई निर्बल, बूड़ा (अन्ना हजारे ), छोटा इन्सान जब एक अच्छे कम के लिए निकलता हे तो उसके लिए श्री कृष्ण की चीटी ऊँगली भी साथ में रहती हे. राधे राधे ......

2631 days 5 hrs 51 mins ago By Bhakti Rathore
 

radhe radhe uski nakhe nahi hoti he isley

2632 days 23 hrs 21 mins ago By Neeru Arora
 

चींटी की आंखें नहीं होती यह तो सच में एक जोक ही था| यह तो कोई भी इंटर नेट में ढूंढ सकता है कि चींटी की आंखें होती हैं| और दिवाकर जी का जवाब मुझे बहुत सुंदर लगा| उनका बहुत सपष्ट व्यक्तित्व है| जो स्पष्ट बोलते हैं, बेबाक बोलते हैं कोई झूठ नहीं, कोई चेष्टा नहीं, उन्होने कोई मुखोटा नहीं पहन रखा है| जैसे हैं वैसा ही दिखना पसंद करते हैं| बेबाक बोलने में उन्हें कोई डर नहीं, कोई अहंकार नहीं| जिससे उनके उत्तर से उनके व्यक्तित्व पर कोई आंच नहीं आने वाली है| इतने स्पष्ट लोग दुनिया में बहुत कम देखने को मिलते हैं| और यही है इस प्रश्न का उत्तर| .................पेरा.............जब हम जो हैं वैसा ही दीखते हैं अर्थात सत्ये मेव जयते तो हमें किसी मुखोटे कि आवश्यकता नहीं होती| तो अपने आप ही डर समाप्त हो जाता है| और हम अपना कार्य करते रहते हैं दुनिया क्या कर रही है, क्या सोच रही है, उसकी परवाह करने वाले को ही डर सताता है| - राधे राधे

2634 days 7 hrs 3 mins ago By Dasabhas DrGiriraj N
 

yeh uska svabhav h,theek vase jaise aag ka svabhav h- jalna, chinti hi nahi aise bahut jeev hn jo manushy se nhi darte, jsr.

2635 days 9 hrs 37 mins ago By Diwakar Kushwaha
 

NEERU JI AAPNEY TO SABKO OUT KAR DIYA

2635 days 11 hrs 50 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

जय श्री कृष्णा.... लघुता से प्रभुता मिलै, प्रभुता से प्रभु दूर।

2635 days 23 hrs 25 mins ago By Neeru Arora
 

prashan vichar karne wala hai kyonki uski ankhain nahin hoti

2636 days 5 hrs 38 mins ago By Diwakar Kushwaha
 

HAMARI DHARTI MATA APNEY AAP ME MAHAN HAIN AHA AAP CHOTE SE CHOTA AUR BADE SE BADA JEEV DEKH SAKTI HAIN,SABHI KE NATURE AUR BUDHI SHAKTI ME BADA ANTAR HAI,KOI HUME DEKHTE HE BHAG KHADA HOTA HAI TO KOI HUM KO JAAN SE MAARNE PER UTAARU HO JATA HAI,WAISE TO INSAAN SE GIRA HUA SHAYAD KOI PRANI HO JO APNI SWARTH SIDDHI KE LIYE SABHI KO KUCHAL DENA CHAHATA HO.ANYWAY BHAGWAAN NE SABHI PRANIYON KO ALAG -ALAG KINTU ANUTHE SWABHAV,SHRIR AUR BUDDHI KSHAMATA PRADAAN KI HAI. CHEETI KA BHI APNA NATURE HAI,YE GOD GIFTED HAI , ISME HUM SABHI KYA KEH SAKTE HAI. HAAN KUCH LOG KEHTE HAIN.

 
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