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मुझे कैसे और कब मन्त्रों का प्रयोग करना चाहिए?


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2361 days 52 mins ago By Waste Sam
 

राधे राधे मंत्रो को प्रयोग करने का अर्थ है शब्द रूप ब्रह्म का प्रयोग | इनके सही प्रयोग के लिए जरूरी है के हम किसी गुरु से मंत्र का सही उच्चारण, विधि और अर्थ समझ ले, क्योंकि हर मंत्र के विधि अलग होती है | जय श्री राधे |

2374 days 22 hrs 43 mins ago By Rajender Kumar Mehra
 

मन्त्र शब्द का शाब्दिक अर्थ हैं मन का त्राण का करने वाला यानी जिससे मन का उद्धार हो जाए मन को शक्ति मिल जाए जिसके बोलने से या जपने से मन सबल हो जाए एकाग्र हो जाए वो मन्त्र है | सभी मन्त्र स्वर विज्ञान पर आधारित हैं हर मन्त्र के उच्च्चारण के लिए उसका स्वर निर्धारित है उसी तरह से उस मन्त्र का उच्चारण करने से उसका मन पर पूर्ण प्रभाव पड़ता है | मन्त्र के अर्थ से ज्यादा उसका उच्चारण महत्व पूर्ण है | इस बात को ऐसे समझ सकते हैं जैसे एक नारा है इंक्लाव जिंदाबाद अब इसको कोई तेजस्वी स्वर में बोलेगा तब तो सामने वाले पर भी असर करेगा और अपने पर भी और अगर साधारण स्वर बोला गया तो कोई असर ही नहीं होगा | कहते हैं ना कि इस नेता का भाषण बड़ा ओजस्वी है | वो स्वर का ही असर है उसको जिस तरह से बोलना चाहिए उसी तरह से बोलने पर असर होता है | कोई भजन है उसे जब लय में गाते हैं तो सुनने वाले झूमने लगते हैं और गाने वाला स्वयं भी मस्त हो जाता है पर जब उसी भजन को कोई साधारण स्वर में बोलता है तो असर नहीं होता या कम होता है | इसलिए मन्त्र आप कभी भी जपें एक तो उसके लिए एकांत हो और दूसरा उसका स्वर सही हो बस देखिये वो मन्त्र आपके मन को कैसे एकाग्र करता है | और मन एकाग्र हो गया ध्यान लगना शुरू हो गया तो जिस मंतव्य से आपने उसे जपा है वो पूरा हो गया | राधे राधे

2375 days 4 hrs 32 mins ago By Gulshan Piplani
 

राधे राधे - तंत्र, मन्त्र और यंत्र इनसे ही विश्व संचालित होता है| यह ही मनुष्य को शक्ति प्रदान करते हैं| एक बात बहुत महत्वपूर्ण है कि हम शब्दों को कैसे ग्रहण करते हैं| डाक्टर हमारे तन का उद्धार करता है विज्ञान के सहारे से| पर विज्ञान में भी ज्ञान छुपा हुआ है| कोई भी ज्ञान पूर्व ज्ञान के बिना अधुरा है| कई बार शब्दों के प्रचारित अर्थ ही हम ग्रहण कर पाते हैं| जबकि एक ही शब्द के कई अर्थ होते हैं| अगर मैं कहूं कि डॉक्टर तांत्रिक होता है तो कोई भी विश्वास नहीं करेगा| ठीक वैसे जैसे मैं कहूं कि मेरे पिता का इंतकाल हो गया है| इसका अर्थ है कि मेरे पिता का तबादला हो गया है पर इंतकाल शब्द मौत के लिए प्रचलित है तो लोग मुझे पागल ही कहेंगे| परन्तु जो जन उर्दू जानते हैं वोह समझ लेंगे क्योंकि जमीन के तबादले में यह शब्द बहुत प्रयुक्त होता है| खसरा नंबर इतने का इंतकाल इस नंबर पे हो गया है| दुनिया परिवर्तनशील है| हर शब्द का अर्थ समय के साथ साथ परिवर्तित हो जाता है मात्र एक ही चीज़ पूरे विश्व में है जी परवर्तित नहीं होती और वह है स्वम परिवर्तन| मन्त्र मन को शांति प्रदान करते हैं तो इस दुनिया में करोड़ों मन्त्र हैं तो क्या सब मन्त्र (मन्त्र का मतलब होता है जो मन का उद्धार करे) कभी भी हमारे मन को शांति प्रदान करने में सक्ष्म हैं| ऐसा नहीं है कि मन्त्रों का कोई साइड अफेक्ट भी होता हो| दरअसल मन्त्र को समझे ये बहुत ज़रूरी है| ठीक वैसे जैसे हिन्दुस्तान में करोड़ों कि आबादी है और हर व्यक्ति अध्यातम को अपने अपने ढंग से लेता है हर व्यक्ति के लिए धर्म की परिभाषा अलग अलग होती है| तो क्या जो परिभाषा मैं दूं वोही ठीक है? वोह सब कुछ ठीक होता है जिसे हमारा मन हमारी प्रकृति के अनुसार ग्रहण करता है और उस पर विश्वास करता है यही विज्ञानिक परिभाषा है| हमारे एक मित्र को उसके सद्गुरु ने एक मन्त्र दिया कि इससे तुम्हें सहज समाधि लगने लगेगी वह कई वर्ष तक इसी गफलत में रहा कि मुझे तो समाधि जब चाहूं लग जाती है| जब तक हम संसार में हैं तो हम समाधि में नहीं हो सकते और जब हम समाधि में हैं तो संसार में नहीं हो सकते| इसको दूसरे ढंग से भी कह सकते हैं कि जब हम प्रभु कि भक्ति में लीन हैं तो हम संसार में नहीं हो सकते पर अगर हमारा मन संसार (माया) में है तो प्रभु वहां नहीं हो सकते| इसलिए हमें जिस गुरु या सद्गुरु पर विश्वास हो उसके द्वारा सम्पूर्ण विश्वास से ग्रहण किया हुआ हर मन्त्र हर जगह हर वक़्त शक्ति प्रदान करता है| ऐसा मेरा मानना है| राधे राधे

2375 days 7 hrs 23 mins ago By Vipin Sharma
 

Mantron ka uccharan daily karna chhahiye. mantra koi shashtra nahi h jo ki apne kaha ki prayog karna chhahiye. mantra to man ki shanti k liye hote hain. agar aap apne man ko shaant rakhna chahti ho to daily Mantra Jaap Kijiye Or isme kisi bhi niyam ki jarurat nahi hoti, jab & jaha apka man kare aap mantra jaap kar sakti h.

2375 days 8 hrs 2 mins ago By Bhakti Rathore
 

mantro me bhut shakti hoti he isley

2375 days 8 hrs 8 mins ago By Bhakti Rathore
 

radhe radhe yesa he mantro ko prayog kerne ke ley hume subse phele guri se uske baare me saari jaanki le lena cheiye apne man se nahi kerna cheiye nahi to uska ulta pravh bhi ho jaata he aur jub guru sub kuch bata de to fir aapko jis cheej ki icha he uske anussarmantra jaap kere

2375 days 9 hrs 51 mins ago By Diwakar Kushwaha
 

Pehle to ye vichar kare ki Aap Kis pravitti ke hai Arthha Aap Mantra Aur yantra me Vishwaas Rakhte hai Ya Tantra me Dono Alag-alag Hai. Mantro ke prayog ki baat Kare To hamesha Aise mantro ka he Prayog kare jinka koi side effect na ho jaise gayatri mantra,shri krishna ke mantra,bhagwan vishnu ke mantra,ye devi devta truti hone par bhi rusht nahi hote. agar aap kisi bhari vipda se nipatne ya mahatwapoorna kary hetu mantra shakti ka prayog karna chahate hai to guru param avashyak hai.(KISI VISHESH KARYA HETU MANTRO KI JAANKARI MUGHSE MESSAGE DWARA PRAPT KARE)

 
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