Theme :
Home
Granth
eBook
Saint
Leelaye
Temple
Yatra
Jap
Video
Shanka
Health
Pandit Ji

सत्य और झूठ

सत्य और झूठ में आजकल किसका अधिक प्रभाव है?

  Views :750  Rating :0.0  Voted :0  Clarifications :6
submit to reddit  
2585 days 12 hrs 15 mins ago By Waste Sam
 

radhey radhey, aaj kal prabhav toh jhooth ka hai... parantu satya woh shakti hai woh prakash hai jo 100 band darwajo se he raasta bana leta hai.. jai shri radhey

2594 days 17 hrs 2 mins ago By Gulshan Piplani
 

जिसे हम झूठ कि तरह ही ग्रहण करते हैं उसे झूठ कहते हैं, अगर किसी भी तथ्य को हम सत्य समझ कर ग्रहण करें तो वह सत्य ही है| क्योंकि सत्य वह नहीं होता जो मात्र बोला जाता है| सत्य वह होता है जो सोचा जाता है| अर्थात सोचने वाले के लिए सत्य वह हुआ जो उसने सोचा और बोला परन्तु अगर सुनने वाले ने उसे वैसे ही ग्रहण नहीं किया जोकि उसकी प्रकृति अर्थात स्वभाव, देश, काल, संग और ज्ञान और परस्थितियों पर निर्भर करता है| सत्य ज्ञानानुसार ग्रहण किया जाता है जैसे मैंने पूछा कि बादल किस तरफ चलते हैं| तो चार व्यक्तियों के अलग अलग उत्तर थे| फिर मैंने फिर पूछा कि क्या सच में बादल चलते हैं तो एक ने कहा लगता है आपने कभी आसमान कि तरफ आँख उठा कर भी नहीं देखा| परन्तु सत्य यह है कि बादल तो कभी चलते ही नहीं| चलती तो हवा है पर ऐसा भासित होता है कि बादल चल रहे हैं| बादल तो सदा स्थिर रहते हैं ठीक उसी तरह जैसे हम चलते हुए दीखते हैं परन्तु पीछे बैठी प्राण वायु दृष्टिगत नहीं होती| अगर शरीर से प्राणवायु निकाल ली जाये तो शरीर मृत घोषित हो जाता है तात्पर्य यह हुआ कि शरीर नहीं चलता उसे प्राण वायु चला रही है ठीक उसी तरह जिस तरह बादल नहीं चलते उसे वायु चला रही है| परन्तु अगर पूछा जाये कि बादल किस तरफ चलते हैं तो हर व्यक्ति अपने ज्ञानानुसार ही उत्तर देने में और ग्रहण करने में सक्षम होगा| सच और झूठ इसी तरह स्वाभाव, देश, काल और संग पर भी निर्भर करता है| इसीतरह मनुष्य सामने वाले व्यक्ति के द्वारा बोले गए झूठ को सत्य मान कर या सत्य को झूठ समझ कर अपना मत अपने विवेकानुसार प्रकट करता है| तो वोही सत्य और झूठ होता है| तो इस प्रकार आजकल भी सत्य और झूठ का प्रभाव वैसा ही है जैसा आज से हजारों वर्ष पहले था|

2594 days 18 hrs 39 mins ago By Rajender Kumar Mehra
 

प्रभाव तो सत्य की होता है क्योंकि झूट की तो कोई सत्ता ही नहीं है पर भासता है जैसे झूट बड़ा बलशाली है उसका ही साम्राज्य चल रहा है | पर ध्यान से देखें तो झूट को अपनी सत्ता के लिए पहनावा तो सत्य का ही ओड़ना पड़ता है | बिल्कुल वैसे ही जैसे कोई साधारण व्यक्ति पुलिस की वर्दी पहन कर अपना रोब मार रहा हो | रौब उस व्यक्ति का नहीं नहीं उस वर्दी का है ऐसे ही किसी ने झूट को सत्य के कपडे पहना कर थोड़ी देर के लिए भर्मित कर दिया पर वो टिक नहीं सकता है पोल खुल ही जाती है | राधे राधे

2595 days 14 hrs 55 mins ago By Diwakar Kushwaha
 

Satya ki validity lifetime Aur Jhooth ki Some Time With Condition Hoti hai,Apni Apni jagah Dono ka Mahatva Hai.Kabhi-kabhi satya sarvanash kar deta hai aur jhooth kai logo ki jindgiyon ko sawar deta hai,ye to prabhu ki iksha hai ki aap ko kis stithi me daalte hain.

2595 days 18 hrs 59 mins ago By Bhakti Rathore
 

sach barbar tap nahi jhut narabar paap jaake hirdya me sach he taake heirdya aapp to saiyta he axcaha he jhut jayda din tak nahi chalta he jeet humsha sachei ki hoti he

2595 days 23 hrs 17 mins ago By Vipin Sharma
 

PRABHAV TO SATYA KA HI HOTA H. OR AGAR JHOOT KA PRABHAV HOTA BHI H TO BAHUT KAM SAMAY K LIYE

 
Tags :
Radha Blessings



Click here to know more about Radha Blessings
Popular Article
Latest Video
Latest Opinion Topic
Latest Bhav
Spiritual Directory


Today Top Devotee [0]

Today Opinion Topic

हम अधिक अनुशासित कैसे बने?

Radhakripa on Mobile

This Month Festivals

Guru/Gyani/Artist
Online Temple
Radha Temple
   Total #Visiters :1338
Baanke Bihari
   Total #Visiters :290
Mahakaal Temple
   Total #Visiters :
Laxmi Temple
   Total #Visiters :244
Goverdhan Parikrima
   Total #Visiters :353
Animated Leelaye
Maharaas Leela
   Total #Visiters :340
Kaliya Daman Leela
   Total #Visiters :
Goverdhan Leela
   Total #Visiters :
Utsav
Radha Ashtami
   Total #Visiters :
Krishna Janmashtami
   Total #Visiters :
Diwali Utsav
   Total #Visiters :244
Braj Holi Utsav
   Total #Visiters :
eBook Collection
सभी किताबे
राधा संग्रह
ग्रन्थ
कृष्ण संग्रह
व्रज संग्रह
व्रत कथाएँ
यात्रा
Copyright © radhakripa.com, 2010. All Rights Reserved
You are free to use any content from here but you need to include radhakripa logo and provide back link to http://radhakripa.com