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भगवान अवतार क्यों लेते है?

इस बारे में आपका क्या द्रष्टिकोण है? क्यों भगवान को अवतार लेने की जरुरत पड़ती है? वे तो सर्वशक्ति मान है वही रहकर भी सबकुछ कर सकते है.

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2777 days 11 hrs ago By Waste Sam
 

संतो से जैसा भाव मैंने सुना है और जो मेरे मन को सबसे आधिक भाया वो है - भगवन अवतार लेते है अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए, इसलिए की कहीं उनके भक्त उनकी याद में अपने प्राण ना त्याग दे बस उन्ही के प्रेम के बस हो कर भगवन अवतार लेते है |

2784 days 15 hrs 33 mins ago By Gulshan Piplani
 

जन कल्याण के लिए प्रभु बार-बार अवतरित होते हैं उनका अपना कोई लोभ-लालच नहीं होता?

2793 days 13 hrs 25 mins ago By Rajender Kumar Mehra
 

प्रेम का जो बीज संसार में खो जाता है उसे स्थापित करने के लिए भगवान् अवतार लेते हैं ! राधे राधे

2831 days 23 hrs 58 mins ago By Aditya Bansal
 

DUSHTO KA NAASH KARNE KE LIYE

2844 days 22 hrs 20 mins ago By Aditya Bansal
 

radhey radhey

2871 days 21 hrs 4 mins ago By Aditya Bansal
 

paaapi ikathe hote hai ek sath maarne meio aasani ho jati hai

2871 days 21 hrs 5 mins ago By Aditya Bansal
 

paap ka khatama

2897 days 16 hrs 44 mins ago By Murli Dhar
 

bhagwan dosto ka nast krne awam dhrm ki rkshiya krne ke liye hi awatar lete hin...or na samjho ko smjha ne liye bhi ..... bhakto ki raksha krne ke liye .....hare krishna!!

2906 days 10 hrs 33 mins ago By Sarveshwar Dayal Nem
 

Jai shri Krishna bhagwan ke pratyek avtar ke peeche ek uddesya hoata hai vo hai manav jati ka kalyad aur uchit marg darshn vo apne avtar se duso ka nash to kre hi hai sath hi sath ek aadharsh aur udahran chod jate hai jinhe hm sabhi granth, upnishad, puran, khte hai .... jai jai shri radhe

2906 days 18 hrs 46 mins ago By Sanjay Agarwal
 

भगवान की प्रकृति में केवल मानव ही एक ऐसा जीव है जिसको भगवान ने अन्य प्राणियों की अपेक्षा अधिक विवेक दिया है । भगवान सर्वशक्तिमान होने पर भी अपनी शक्ति को प्रकट नहीं होने देते । कदाचित जीव जप, तप, ध्यान, समाधि के सहारे रिद्धिया-सिद्धियां और अनेक वरदान प्राप्त कर लेता है । वह यह भी भूल जाता है कि यह बल उसका अपना नहीं अपितु किसी का दिया हुआ है । वह इस बल का दुरूपयोग असहाय जीवों पर करने लगता है और जिससे उसको यह बल मिला है, उसको भी चुनौती देने लगता है तथा अपने को भगवान से भी अधिक बलशाली मानने लगता है जैसे कंस, रावण आदि ने किया । ऐसे दुष्टों का संहार करने तथा अपने भगतों की रक्षा हेतु भगवान विविध रूप धारण करके अवतरित होते हैं ।

2906 days 20 hrs 20 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

इन तीनो कारणों में धर्म को पुनः स्थापित करने के लिये प्रमुख कारण होता है, धर्म की शिक्षा भगवान अपनी लीला के माध्यम से ही देते हैं, यह लीला बिना अवतरित हुए नहीं हो सकती है।

2906 days 20 hrs 28 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

गीता के अनुसार....... जब-जब और जिस भी युग में धर्म की हानि होती है और अधर्म की वृद्धि होती है, तब भगवान के अवतार के तीन मुख्य कारण होते हैं। (१). भक्तों का उद्धार करने के लिए, (२). दुष्टों का सम्पूर्ण विनाश करने के लिए (३). धर्म की पुनः स्थापना करने के लिए।

2906 days 20 hrs 32 mins ago By Shubha Iyengar
 

bhagwan har avatar me koi na koi sandesh leke aate he..Maanav ko ek "Udhagaran " prastut karte he. Jese ki RAM ki avatar me woh yeh sandesh pahuchaate he ki " Chahe aap ek saadrahan maanav hi kyu na ho, agar veerata se har sankat ka saamna kare, toh sankat se bahar aana nischit he" Parusharam ke avatar me humhe yeh seekh milte he ki "Maanav ho ya Bhagwan ka ek avatar, adhik krod kisi ke liye bhi uchhit nahi he"...

2906 days 21 hrs 10 mins ago By Vasundhara Sharma
 

अपने कुछ सर्वाधिक प्रिय भक्तों की "प्रभु मिलन" की इक्छा सम्पूर्ण करने हेतु भगवन अवतार लेते है| पृत्वी वासीयो को अपनी लीलाएं अवं अपना स्पर्श प्रदान करने को वो स्वंय आ जाते हैं | धन्य है वो भक्त जिन्हें भगवन इतना प्रेम करते हैं | हरे कृष्ण हरे हरे || जय श्री राधे ||

2906 days 21 hrs 24 mins ago By Manish Nema
 

भगवान अवतार लेना जरुरी हे क्योकि अधर्म का नास,भक्तो को मुक्ति प्रदान करना और अज्ञानियो को ज्ञान का मार्ग दिखने के लिये भगवान का जन्म लेना जरुरी हे.भगवान तो अपने भक्तो के लिये ही सब कुछ करते हे उनका जन्म लेना भी अपने भक्तो को आशीर्वाद देने के लिये ही होता हे .और वे भक्त कि हर एक मनोकामना को पूरा करते जाते हे कोई उन्हें अपना बेटा बना लेता हँ कोई पिता और कोई अपना पति जिसकी जैसी मनोकामना वो उसे उस रूप में आशीर्वाद देते रहते हे. //जय जय श्री राधे//

2906 days 21 hrs 37 mins ago By Rajesh Malviya
 

जब जब धरती पर पाप, अधर्म, बढ़ता भगवान अवतार लेते है!! और भगवान कृपा तो बरसाते ही है !!

2906 days 22 hrs 2 mins ago By Vipin Dahiya
 

to share his love

2906 days 22 hrs 17 mins ago By Love Krsna
 

lovelly page...thanks...Translation works

2906 days 22 hrs 18 mins ago By Love Krsna
 

English please

2906 days 22 hrs 22 mins ago By Parul Srivastava
 

To give example and maintain the value of being nice in front of the world.

2906 days 23 hrs 37 mins ago By Nidhi Nema
 

राधे-राधे,...भगवान तो सर्व शक्तिमान है और अपने आप में उनका हर अंग पूर्ण है उनकी आँखे चल भी सकती है, सुन भी सकती है, हर काम कर सकती है, पर भगवान का अवतार तो अपने भक्तो प्रेमियों के लिए होता है,भक्तो की इच्छा के लिए ही वे अवतार लेते है क्योकि गौलोक में रहकर वे गोपियों के घर का माखन नहीं चुरा सकते,गैईया नहीं चरा सकते,अपने भक्तो के साथ ये लीलाएँ करने के लिए,भक्तो की इच्छा पूरी करने के लिए भगवान धरती पर आते है. राक्षसों के वध के लिए नहीं होता, ये तो वे संकल्प मात्र से कर सकते है. "राधे-राधे".

 
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