Theme :
Home
Granth
eBook
Saint
Leelaye
Temple
Yatra
Jap
Video
Shanka
Health
Pandit Ji

दुनिया किसे कहते है?

इस बारे में आपका क्या द्रष्टिकोण है ?

  Views :514  Rating :5.0  Voted :1  Clarifications :10
submit to reddit  
2705 days 3 hrs 12 mins ago By Waste Sam
 

radhey radhey... duniya bhagwan ke leela sthali hai, jaise hum ek khel ko bichate hai khelne ke liye usse tarah bhagwan ka yeh sansar ek board hai jis par bhagwan apna khel khelte hai.. jai shri radhey...

2717 days 9 hrs 18 mins ago By Vipin Sharma
 

JAHA SUKH OR DUKH KA SAMAVESH HOTA H USE DUNIYA KAHTE HAIN. OR YE DUNIYA KOI JHOOTI NAHI SACHHI H.

2734 days 7 hrs 2 mins ago By Gulshan Piplani
 

कठपुतलियों का घर

2770 days 13 hrs 59 mins ago By Aditya Bansal
 

JO APNE HOKAR BHI BEGANE HOTE HAI

2810 days 11 hrs 37 mins ago By Aditya Bansal
 

rangmanch

2818 days 2 hrs 31 mins ago By Arunkambli Kambli
 

love to innoccent creature of god

2819 days 9 hrs 14 mins ago By Jaswinder Jassi
 

IK ATOM se le kr PANET ke bheech jo bi physical hai DUNiYA hai ,iss me jeev -nirjeev sbbi prkar ke vstuye hain >>>>>>

2823 days 3 hrs 36 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

जय श्री कृष्णा...... दुनियाँ एक धर्मशाला के समान है, हर जीवात्मा यहाँ यात्री है, जीवात्मा का शरीर इस धर्मशाला का कमरा है, यहाँ उपयोग की सभी वस्तुऎं धर्मशाला की हैं।........... जो यात्री इस धर्मशाला की सभी वस्तुओं को अपनी समझकर भली प्रकार से उपयोग करता है तो अगली बार उसे इस धर्मशाला में उच्च श्रेणी का कमरा प्राप्त होता है।........ जो यात्री इस धर्मशाला की वस्तुओं को अपनी समझकर दुरुपयोग करता है तो उसे अगली बार निम्न श्रेणी का कमरा प्राप्त होता है।........ जो व्यक्ति स्वयं को यात्री समझकर सभी वस्तुओं को अपना न समझकर अनासक्त भाव से उपयोग करता है वह इस धर्मशाला में वापिस नहीं आना पड़ता है।

2823 days 3 hrs 42 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

जय श्री कृष्णा...... दुनियाँ एक धर्मशाला के समान है, हर जीवात्मा यहाँ यात्री है, जीवात्मा का शरीर इस धर्मशाला का कमरा है, यहाँ उपयोग की सभी वस्तुऎं धर्मशाला की हैं।........... जो यात्री इस धर्मशाला की सभी वस्तुओं को अपनी समझकर भली प्रकार से उपयोग करता है तो अगली बार उसे इस धर्मशाला में उच्च श्रेणी का कमरा प्राप्त होता है।........ जो यात्री इस धर्मशाला की वस्तुओं को अपनी समझकर दुरुपयोग करता है तो उसे अगली बार निम्न श्रेणी का कमरा प्राप्त होता है।........ जो व्यक्ति स्वयं को यात्री समझकर सभी वस्तुओं को अपना न समझकर अनासक्त भाव से उपयोग करता है वह इस धर्मशाला में वापिस नहीं आना पड़ता है।

2823 days 12 hrs 15 mins ago By Nidhi Nema
 

राधे राधे,मुसाफिरगिरी का नाम ही दुनिया है, जैसे हम किसी के घर जाते है और केवल कुछ समय के मेहमान बनकर,उसी तरह दुनिया उस परमात्मा का बनाया घर है.और हम सब उसके इस घर में मेहमान है.जिसे यात्रा के समय बहुत से मुसाफिर आपस में मिलते है बातचीत करते है और अपने अपने रास्ते चले जाते है रुकने का काम नहीं है.बस इसी का नाम दुनिया है. राधे राधे ....

 
Tags :
Radha Blessings



Click here to know more about Radha Blessings
Popular Article
Latest Video
Popular Opinion
Latest Bhav
Spiritual Directory


Today Top Devotee [0]

Today Opinion Topic

हम अधिक अनुशासित कैसे बने?

Radhakripa on Mobile

This Month Festivals

Guru/Gyani/Artist
Online Temple
Radha Temple
   Total #Visiters :1363
Baanke Bihari
   Total #Visiters :297
Mahakaal Temple
   Total #Visiters :
Laxmi Temple
   Total #Visiters :246
Goverdhan Parikrima
   Total #Visiters :357
Animated Leelaye
Maharaas Leela
   Total #Visiters :381
Kaliya Daman Leela
   Total #Visiters :
Goverdhan Leela
   Total #Visiters :
Utsav
Radha Ashtami
   Total #Visiters :
Krishna Janmashtami
   Total #Visiters :
Diwali Utsav
   Total #Visiters :246
Braj Holi Utsav
   Total #Visiters :
eBook Collection
सभी किताबे
राधा संग्रह
ग्रन्थ
कृष्ण संग्रह
व्रज संग्रह
व्रत कथाएँ
यात्रा
Copyright © radhakripa.com, 2010. All Rights Reserved
You are free to use any content from here but you need to include radhakripa logo and provide back link to http://radhakripa.com