Theme :
Home
Granth
eBook
Saint
Leelaye
Temple
Yatra
Jap
Video
Shanka
Health
Pandit Ji

हम स्वयं को प्रेम करना कैसे सिखा सकते हैं?

इस बारे में आपका क्या द्रष्टिकोण है?

  Views :359  Rating :0.0  Voted :0  Clarifications :6
submit to reddit  
2438 days 13 hrs 54 mins ago By Waste Sam
 

राधे राधे, प्रेम सीखने के लिए हमे निस्वार्थ कार्य करने चाहिए | प्रेम का दूसरा नाम निस्वार्थ है | जय श्री राधे

2440 days 21 hrs 22 mins ago By Dilip Makwe
 

Just by taking a drop of love every morning. You cannot love anyone if you don't love yourself. How can you give love if you don't have love in stock. If i ask you for Rs.1000 how can you give if you don't have in your pocket.

2444 days 18 hrs 45 mins ago By Dasabhas DrGiriraj N
 

प्रेम के विषय - श्री कृष्ण दो बात हैं : एक है विषय, दूसरा है आश्रय प्रेम के एकमात्र विषय हैं - श्री कृष्ण, दूसरा कोई है ही नहीं अर्थात प्रेम यदि हो सकता है, तो कृष्ण से ही हो सकता है. = विषय और जो प्रेम करता है, वह है आश्रय = राधाजी , आप, हम, अनेक संत, भक्त. कृष्ण के अतिरिक्त यदि हम किसी से प्रेम करते हैं तो शास्त्र कहता है कि वह प्रेम है ही नहीं, हो भी नहीं सकता, क्योंकि प्रेम के एकमात्र आश्रय कृष्ण ही हैं ठीक वैसे जैसे मिटटी के बिना 'मिटटी का बर्तन' बन ही नहीं सकता, मिटटी के बिना बनेगा तो वह 'मिटटी का बर्तन' नहीं होगा. तो फिर हम माता-पिता , भाई - बहिन या पति - पत्नी या लड़का - लड़की से जो प्रेम करते हैं, वह क्या है ? वह प्रेम नहीं ; 'काम' या कामना है, इसीलिये ऊपर लिखे ये समस्त प्रेम टूट जाते हैं, और कृष्ण से यदि प्रेम हो जाय तो आज तक किसी का न टूटा है, न टूटेगा JAI SHRI RADHE DASABHAS Dr GIRIRAJ nangia Lives, Born, Works = L B W at Vrindaban

2444 days 20 hrs 30 mins ago By Dasabhas DrGiriraj N
 

PREM yadi hota h to shri krishn se hi hota h, kisi aur se yadi h to vh kam ya kamnaa hi hai. ham ya jeev krishna ka das h, apne se ya kisi aur se krishn-das samajh kr prem karen to theek, anyatha apne se ya kisee se bh prem karenge to asakti m faskar sarvnash hoga, jaise jadbharat ji ka hiran k prem m hua tha. plz visit - http://shriharinam.blogspot.com/2011/08/prem-ya-moh.html

2444 days 21 hrs 42 mins ago By Balvinder Aggarwal
 

हरी ओम तत्सत :इस प्रशन में ये जानना जरूरी है में स्वयं कौन हूँ यदि में शुद्ध चेतन आत्मा हूँ तो इश्वर से प्रेम करना होगा अर्थात भक्तिमार्ग यदि में शरीर हूँ तो संसार के अनुसार खाओ पीओ मोज करो यही है स्वयं से प्रेम ....वेदिक ऋषि

2445 days 20 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

जय श्री कृष्णा.... वसुदेव कुटुंब की भावना में स्थिर होकर हम स्वयं को प्रेम करना सिखा सकते हैं।

 
Tags :
Radha Blessings



Click here to know more about Radha Blessings
Article
Latest Video
Opinion Topic
Latest Bhav
Spiritual Directory


Today Top Devotee [0]

Today Opinion Topic

हम अधिक अनुशासित कैसे बने?

Radhakripa on Mobile

This Month Festivals

Guru/Gyani/Artist
Online Temple
Radha Temple
   Total #Visiters :1328
Baanke Bihari
   Total #Visiters :289
Mahakaal Temple
   Total #Visiters :
Laxmi Temple
   Total #Visiters :243
Goverdhan Parikrima
   Total #Visiters :353
Animated Leelaye
Maharaas Leela
   Total #Visiters :334
Kaliya Daman Leela
   Total #Visiters :
Goverdhan Leela
   Total #Visiters :
Utsav
Radha Ashtami
   Total #Visiters :
Krishna Janmashtami
   Total #Visiters :
Diwali Utsav
   Total #Visiters :243
Braj Holi Utsav
   Total #Visiters :
eBook Collection
सभी किताबे
राधा संग्रह
ग्रन्थ
कृष्ण संग्रह
व्रज संग्रह
व्रत कथाएँ
यात्रा
Copyright © radhakripa.com, 2010. All Rights Reserved
You are free to use any content from here but you need to include radhakripa logo and provide back link to http://radhakripa.com