Theme :
Home
Granth
eBook
Saint
Leelaye
Temple
Yatra
Jap
Video
Shanka
Health
Pandit Ji

श्यामसुन्दर श्री कृष्ण मोर पंख क्यों लगाते है?

इस बारे में आपका क्या द्रष्टिकोण है?

  Views :725  Rating :3.0  Voted :1  Clarifications :11
submit to reddit  
2697 days 10 hrs 22 mins ago By Neeru Arora
 

बहुत सी मान्यताओं के चलते हम मात्र अपने विचार ही प्रेषित कर सकते हैं| मात्र पंख वैराग्य का प्रतीक नहीं हो सकता और मोर वैरागी होता है ऐसा मैं नहीं मानती| क्योंकि उसकी संतानौत्पति का कारन भी सम्भोग ही होता है जिसकी वीडियो मैंने देखी है| हाँ मोर या मोरनी के जन्म के कारन उसके आंसू के पीने वाले तथ्य विचार करने योगय हैं| भगवन कृष्ण का मोर प्रिये पक्षी रहा होगा और अपने प्रिये के पंख को उन्होंने धारण किया होगा| - जय श्री कृष्णा

2697 days 12 hrs ago By Waste Sam
 

radhey radhey... bhagwan krishan mor pankh kai karano se pehnate hai parantu jo bhav mere mann ko bhata hai woh hai ke mor vasana rahet jeev hai isliye bhagwan usse apne sir par dharan karte hai.. jai shri radhey

2700 days 18 hrs 29 mins ago By Dasabhas DrGiriraj N
 

Dasabhas DrGiriraj Nangia MOR MORNI SE SHARIRIK SAMBANDH NHI KARTA H, MOR JAB NACHTA H TO ANAND MEN USKE AANSU ZAMIN PAR GIRTE HN UN AANSUON KO MORNI PEETI H AUR GARBH DHARAN KARTI H.PRITHVI PAR SHAYAD YE AKELA JEEV H, JO STREE SANG KIYE BINA HI SANTANOTPATTI KARTAA H-YEH KALPANAA NAHI, SATYA HAI. JSR

2701 days 17 hrs 40 mins ago By Aditya Bansal
 

As per the ancient writings the colour of lord Krishna is Black or darkish blue. He is been called as Shyama which means Black. The colour black depicts rain clouds and the colour blue depicts sea and sky which corresponds to 'ananth' or never ending (infinity). Further, the paintings of face of all the avatars of Lord Vishnu are blue coloured.

2701 days 17 hrs 41 mins ago By Aditya Bansal
 

The peacock feather contains all the seven colours in it. The entire universe is covered by akasha(ether) which appears blue in day times and black in night. So lord Krishna is identified by both the colours 'Blue' & 'Black'.Krishna paksha in Indian calender means the days that follow after Full-moon day till the New-moon day i.e, the darker phase of 14 days of the moon. Further, he wears the peacock feather which signifies that the entire range of colours (we mortal beings) is in him. In virtue he is colourless but in the day he appears blue, black in the night to our vision and in between make us discuss all this multi-coloured multi-perceptional views.

2703 days 11 hrs 47 mins ago By Pt Chandra Sagar
 

मोर शब्द का एक अर्थ "मेरा "भी होता है अर्थात जो श्री कृष्ण को मेरा मानते हैं ,श्री कृष्ण उसे अपने मस्तक पर धारण करते हैं | कहा भी है -" मै हूँ श्री भगवान का और मेरे श्री भगवान ,अनुभव यह करते चलो तजि ममता अभिमान ||"

2703 days 14 hrs 23 mins ago By Ravi Kant Sharma
 

जय श्री कृष्णा.... मोर पंख सांसारिक वैराग्य का प्रतीक है। मोर सांसारिक प्राणी होते हुये भी विषय भोगों से निर्लिप्त होता है।...... जिस व्यक्ति का "मन" संसारिक विषय भोगों से विरक्त होता है वह व्यक्ति भगवान श्री कृष्ण को प्रिय होता है उसे भगवान श्री कृष्ण मोर पंख के समान अपने मस्तक पर धारण करते हैं।

2703 days 17 hrs 2 mins ago By Rajender Kumar Mehra
 

मोर ही एक ऐसा पक्षी है जो अपने प्रेमास्पद के लिए सब कुछ भूल कर मस्त होकर नाचता है | कहावत भी है जंगले में मोर नाचा किसने देखा यानी उसे किसी के साथ की जरूरत नहीं है वो अपने प्रेमास्पद के आनन्द में मस्त रहता है | ठाकुरजी प्रेमावतार है इसलिए वो मोर पंख को अपने मुकुट पर धारण करते हैं वो बताना चाहते हैं कि मुझसे ऐसा प्रेम करो जैसा मोर काली घटा से करता है अकेला उसी की मस्ती में मस्त रहता है | ऐ भक्तो तुम भी संग छोडो बस मुझमे मस्त हो जाओ जीवन के सब रंग सिर्फ मेरे प्रेम के रंग में ही हैं | राधे राधे

2703 days 19 hrs 55 mins ago By Gulshan Piplani
 

मैंने अक्षरधाम में किस्सी गाइड से सुना था जब मैं वहां सेवा में रहता था कि मोर काम भोग हेतु शरीर का प्रयोग नहीं करता| जब सावन आता है तो वह नाचता है, झूमता है परन्तु ज्यों ही अपने पैर कि तरफ देखता है तो उसकी आँखों में आंसू आने लगते हैं और उसी वक़्त अगर मोरनी उसकी आँख के आंसू गिरने से पहले पी लेती है तो मोर उत्पन होता है और अगर आंसू जमीन पर गिर जाता है तब पीती है तो मोरनी उत्पन होती है| (इसमें कितनी सच्चाई है मैं नहीं कह सकता)| new para............... परन्तु मेरा मानना है कि मोर प्रभु प्रदान अपनी ख़ूबसूरती को देख कर बहुत प्रसन्न होता है (जिसे हम देहाभिमान कह सकते हैं) परन्तु जब वोह अपने पैरों को देख कर रोता है (तब वह प्रभु को याद करता है) अर्थात सत्य और असत्य का भेद प्रभु हमें मोर के माध्यम से करवाते हैं| शायद माध्यम को निमित बना वह सन्देश हम तक भेजते हैं| और निमित को भी वह अपने सर का ताज बनाते हैं - जय श्री राधे राधे

2703 days 22 hrs 32 mins ago By Sonam Sood
 

Radhe Radhe !! Bhagwan mor pankh issliye dharan karte hain kyunki mor ke mann mein koi vasna nahi hai ...veh kaam mukt hai aur nishkam hai.....!!

2704 days 2 hrs 13 mins ago By Pt Chandra Sagar
 

मोर कभी शरीर से काम भोग नहीं करता , अर्थात जिसका ह्रदय निष्काम होता है भगवान उसे अपने सिर पर बिठाते हैं | गोपियों के इशारे पर भगवान नाचते थे क्यूंकि गोपियों का ह्रदय पूर्णरूप से निष्काम था |

 
Tags :
Radha Blessings



Click here to know more about Radha Blessings
Popular Article
Latest Video
Latest Opinion Topic
Latest Bhav
Spiritual Directory


Today Top Devotee [0]

Today Opinion Topic

हम अधिक अनुशासित कैसे बने?

Radhakripa on Mobile

This Month Festivals

Guru/Gyani/Artist
Online Temple
Radha Temple
   Total #Visiters :1363
Baanke Bihari
   Total #Visiters :297
Mahakaal Temple
   Total #Visiters :
Laxmi Temple
   Total #Visiters :246
Goverdhan Parikrima
   Total #Visiters :357
Animated Leelaye
Maharaas Leela
   Total #Visiters :381
Kaliya Daman Leela
   Total #Visiters :
Goverdhan Leela
   Total #Visiters :
Utsav
Radha Ashtami
   Total #Visiters :
Krishna Janmashtami
   Total #Visiters :
Diwali Utsav
   Total #Visiters :246
Braj Holi Utsav
   Total #Visiters :
eBook Collection
सभी किताबे
राधा संग्रह
ग्रन्थ
कृष्ण संग्रह
व्रज संग्रह
व्रत कथाएँ
यात्रा
Copyright © radhakripa.com, 2010. All Rights Reserved
You are free to use any content from here but you need to include radhakripa logo and provide back link to http://radhakripa.com